फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal Tourism: कुल्लू की पार्वती घाटी में जाम का कहर, कसोल और मणिकर्ण पहुंचने के लिए पर्यटकों को परेशानी

Thu, 11 Jun 2026 11:29 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

पार्वती घाटी में पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालांकि, हाथीथान-मणिकर्ण सड़क पर बढ़ते यातायात दबाव और क्षतिग्रस्त मार्ग के कारण पर्यटकों को 3 से 4 घंटे तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना करीब 1200 पर्यटक वाहन घाटी में पहुंच रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
मणिकर्ण में ट्रैफिक जाम के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी से बचने के लिए कुल्लू की पार्वती घाटी, खासकर कसोल और मणिकर्ण, पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हालांकि, पर्यटकों की यह भारी भीड़ एक बड़ी समस्या को जन्म दे रही है - हाथीथान-मणिकर्ण सड़क पर भीषण जाम। घाटी में प्रतिदिन औसतन 1,200 पर्यटक वाहनों के आने से यह सड़क क्षमता से अधिक दबाव झेल रही है, जिसके परिणामस्वरूप पर्यटकों को कसोल और मणिकर्ण तक पहुंचने के लिए तीन से चार घंटे तक जाम में फंसना पड़ रहा है।
विज्ञापन




जाम का कारण और प्रभाव
गर्मी से राहत पाने के लिए देशभर से पर्यटक कुल्लू घाटी का रुख कर रहे हैं। जहां मनाली में प्रतिदिन 25 से 30 हजार सैलानी पहुंच रहे हैं, वहीं पार्वती घाटी में भी आठ से दस हजार पर्यटकों की आमद है। लेकिन भुंतर के हाथीथान से मणिकर्ण तक का सफर पर्यटकों के लिए एक चुनौती बन गया है। हाथीथान चौक के बाद जछनी, सरसाडी, शारनी, जां और कसोल जैसे स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
विज्ञापन


समस्या की जड़ 2025 की आपदा में निहित है, जब इस क्षेत्र की सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद से, कई स्थानों पर सड़क एक-तरफा (वन-वे) हो गई है, जिससे वाहनों के दबाव को संभालना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति और भी विकट हो जाती है, जिससे पर्यटकों के लिए धार्मिक नगरी मणिकर्ण और कसोल की यात्रा थकाऊ और निराशाजनक बन रही है।
विज्ञापन

स्थानीय निवासियों की चिंता और मांगें
स्थानीय निवासियों, जिनमें लुदर चंद, बलदेव राज, मोहर सिंह, नरोतम ठाकुर और विजय कुमार जैसे लोग शामिल हैं, ने लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इन महत्वपूर्ण सड़कों को पिछले 10 महीनों से ठीक नहीं किया गया है, जिसका खामियाजा न केवल पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है, बल्कि स्थानीय जनता भी त्रस्त है। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से सड़क की स्थिति को बेहतर बनाने और यातायात प्रबंधन के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। पर्यटन सीजन को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की भी मांग की है ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।

पुलिस की प्रतिक्रिया
एसपी कुल्लू, मदन लाल कौशल ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि संवेदनशील स्थानों पर होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। हालांकि, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की मांग है कि स्थिति को देखते हुए और अधिक प्रभावी कदम उठाए जाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें