केंद्र में सुलझाए जा रहे मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा जुड़े मामले, जून तक पहुंचे 417 मामले
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289 मामलों में काउंसलिंग के लिए पहुंच रही महिलाएं
एक्सक्लूसिव
दीक्षा सरोय
शिमला। सखी वन स्टॉप सेंटर मशोबरा में मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और साइबर क्राइम से पीड़ित महिलाएं मदद के लिए आ रही हैं। केंद्र में जून 2026 तक पीड़ित महिलाओं के 417 मामले आए हैं। इनमें से 289 मामलों में पीड़ित महिलाएं केवल मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग के लिए केंद्र पहुंची।
जिले के सखी वन स्टॉप सेंटर में ज्यादातर वह महिलाएं पहुंच रही हैं जो मानसिक उत्पीड़न का शिकार हैं। इनमें घरेलू हिंसा और साइबर क्राइम की वजह से मानसिक तनाव झेल रही महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा ससुराल में मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की शिकार महिलाओं ने भी केंद्र का रुख किया है। इनमें कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो कानूनी कार्रवाई नहीं समस्या का समाधान चाहती हैं। ऐसे मामलों में केंद्र उनके पति और ससुराल पक्ष से बातचीत कर सुलह करवाता है। महिलाओं को मनोचिकित्सा विशेषज्ञ काउंसलर के माध्यम से भी मदद मिल रही है। इसके साथ केंद्र में ऐसे भी मामले आए हैं जिनमें विशेष तौर पर युवतियां साइबर क्राइम की वजह से मानसिक आघात से पीड़ित हैं। महिलाओं को चिकित्सीय सहायता के बाद पांच से दस दिन तक केंद्र की देखरेख में रखा जाता है। केंद्र में वर्ष 2024-25 में 96, वर्ष 2025-26 में 100 और इस वर्ष 2026-27 में 30 जून तक 19 महिलाएं मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए पहुंची थी। संवाद
कोट
मशोबरा केंद्र में पीड़ित महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें कानूनी सलाह, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रय सेवाएं शामिल हैं। केंद्र 24 घंटे सातों दिन खुला रहता है। महिलाएं कभी भी आकर सहायता ले सकती हैं या केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 0177-2740268 पर संपर्क कर सकती हैं। -भावना कौशल, प्रबंधक, सखी वन स्टॉप सेंटर मशोबरा