इस दौरान विवाह की सभी रस्में पूरी विधि विधान के साथ सामाजिक दूरी की मर्यादा को रखते हुए पूरी की गईं। दुल्हन की बहन शिखा चोपड़ा ने कहा कि यह शादी पहले से ही 16 अप्रैल की तय हो चुकी थी लेकिन कोरोना वायरस के कारण लगे कर्फ्यू के दौरान उन्हें यह शादी पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार ही करनी पड़ी।
रिश्तेदारों के नाराज होने का लग रहा डर
दूल्हे नितिश तनेजा ने कहा कि हम शादी के लिए सोनीपत से यहां आए हैं लेकिन कर्फ्यू के कारण उन्हें विभिन्न दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन अंत में सब कुछ ठीक से सभी कार्य पूर्ण हुए हैं। कर्फ्यू के कारण उसके माता-पिता ही साथ आ सके, शेष सभी रिश्तेदारों के नाराज होने का डर लग रहा है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल बंगाणा में दो परिवारों की लड़कियों की शादियां लॉक डाउन के चलते पूरे रस्मों रिवाज के साथ हुई। फर्क सिर्फ इतना था कि इन शादियों में वर-वधू पक्ष की ओर से मात्र पांच-पांच सदस्य शामिल हुए। परिवारों के सगे संबंधियों ने दूरभाष पर ही वर-वधू को शादी के पवित्र बंधन में बंधने पर शुभकामनाएं दी।
छपरोह पंचायत के झारखंड गांव के पुरुषोत्तम की पुत्री नीतू का विवाह मैहतपुर के युवक सतपाल सिंह से हुआ। दूसरी ओर मलांगड़ पंचायत के गांव सोहरला की सपना की शादी सलौनी के नरेंद्र से हुई। इन परिवारों ने देशभर में लॉक डाउन के चलते शादियों के लिए एसडीएम से अनुमतियां ली हुई थी।
मलांगढ़ पंचायत के प्रधान रजिंद्र मलांगड़ ने बताया कि पंचायत में सादे समारोह में शादी हुई। दूसरी ओर छपरोह पंचायत की प्रधान गौरी ने कहा कि एसडीएम की अनुमति के बाद शादी करवाई गई।