वहीं, मंडी जिले में लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण दो युवा दिलों का सात फेरे लेकर परिणय सूत्र में बंधने का सपना अधूरा रह गया। दूल्हा अभिषेक बंगलूरू में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है तो दुल्हन निजी अस्पताल में नर्स। दोनों का विवाह अप्रैल के अंत में होना था। दूल्हे ने घर पहुंचने के अंत तक प्रयास किए, लेकिन यातायात का साधन न मिलने के कारण अपनी ही शादी में नहीं पहुंच सका और बंगलूरू में ही फंसा रहा। इधर, शादी समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण होने व दूल्हे के न पहुंचने से दोनों पक्षों की परेशानी बढ़ गई।
हालांकि, दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद अब यह शादी लॉकडाउन के बाद होगी। दुल्हन के पिता का कहना है कि लॉकडाउन के चलते उनकी बेटी दुल्हन नहीं बन पाई। हालांकि, अप्रैल के अंत में उसकी शादी तय हुई थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते बंगलूरू में फंसे उनके दामाद के न पहुंचने पर अब शादी समारोह को लॉकडाउन के बाद आयोजित करने पर सहमति बनी है। दूल्हे अभिषेक के पिता जगदीश ठाकुर ने कहा कि सरकार जब हवाई यात्रा को मंजूरी देगी तो ही उनका बेटा घर पहुंच सकेगा और शादी की रस्में पूरी कर सकेगा।