बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के तड़ौन में दोपहर को बिजली गिरने से एक महिला झुलस गई है और दो भैंसों की मौत हो गई। जिला कांगड़ा में आधा दर्जन घर खाली करवा लिए हैं। मंडी के धर्मपुर में 8 गोशालाएं गिर गई हैं।
कांगड़ा बाईपास पर पुल क्षतिग्रस्त होने से मार्ग बाधित हो गया है। चढ़ियार के तहत चोरडू में बुधवार रात को हुई भारी बारिश में भूस्खलन होने से रसोई, शौचालय और बाथरूम पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। राजधानी शिमला में वीरवार को दिन भर बादल छाए रहे।
पठानकोट-मंडी एचएन पर लगभग साढे़ पांच घंटे वाहनों की आवाजाही बंद रही। एनएच पर रात दो बजे भाली के पास भूस्खलन हो गया। इस कारण एनएच पूरी तरह बंद हो गया। सुबह साढे़ सात बजे जेेसीबी से सड़क पर गिरा मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया।
सड़क बंद होने के कारण नूरपुर से धर्मशाला और मंडी की ओर आने वाले सभी वाहनों के पहिये थम गए। इस कारण यात्रियों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
वीरवार को हमीरपुर में अधिकतम तापमान 32.8, ऊना में 32.2, बिलासपुर में 31.5, चंबा में 30.5, कांगड़ा में 29.5, भुंतर में 29.0, सोलन में 27.0, सुंदरनगर में 26.4, धर्मशाला में 25.8, नाहन में 25.3, कल्पा में 24.6, केलांग में 23.2, शिमला में 21.6 और डलहौजी में 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बुधवार रात और वीरवार को गगल में 126, नाहन में 109, खेरी में 93, धर्मशाला में नादौन-पांवटा साहिब-अंब में 15, सरकाघाट में 14, जोगिंद्रनगर में 13, गोहर में 11 और नयननादेवी में 10 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई।
सतलुज नदी में वीरवार को एक बार फिर से सिल्ट की मात्रा काफी अधिक होने से एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत परियोजना नाथपा झाकड़ी में विद्युत उत्पादन ठप हो गया है।
इसके अलावा 412 मेगावाट की रामपुर परियोजना में भी विद्युत उत्पादन बंद कर दिया गया है। सतलुज नदी में सिल्ट बढ़ने से 1500 मेगावाट नाथपा-झाकड़ी जल विद्युत परियोजना की टरबाइनों को वीरवार को रोकना पड़ा। सतलुज नदी में जलस्तर 1200 क्यूमेक्स तक बढ़ गया है।