हिमाचल प्रदेश की 18 सड़कें फॉरेस्ट से क्लीयरेंस न मिलने की वजह से फंस गई हैं। प्र्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत प्रदेश के हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाना है।
लेकिन सड़कों में वन विभाग का अड़ंगा लगने से इन सड़कों का निर्माण नहीं हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने महीनों सड़कों का काम शुरू करने के लिए वन विभाग से क्लीयरेंस का मामला उठाया है। ये सड़कें मंडी, शिमला, सिरमौर और कांगड़ा जिले की हैं।
केंद्र सरकार से इन सड़कों के निर्माण के लिए पैसा स्वीकृत हुआ है। लेकिन वन विभाग से क्लीयरेंस न मिलने से मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
सीपीएस लोक निर्माण विभाग विनय कुमार ने बताया कि प्रदेश के हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जा रहा है। कुछ सड़कें ऐसी हैं, जिनका काम शुरू कर दिया गया लेकिन लोगों की आपसी रंजिश के चलते काम आगे नहीं बढ़ पाया है। कुछ सड़कों में वन विभाग की जमीन और पेड़ आड़े आ रहे हैं, इनकी क्लीयरेंस वन विभाग से मिलना बाकी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 932 करोड़ रुपये की सड़कें मंजूरी हुई हैं। प्रदेश में दो साल के भीतर 146 बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा गया है। कुल मिलाकर 574 किलोमीटर की नई सड़कों का निर्माण किया गया।
भारत सरकार से सड़कों के निर्माण को जारी पैसा अब रास्ते में नहीं अटकेगा। केंद्र से पैसा जारी होने पर प्रदेश सरकार इसे अपने पास नहीं रख सकेगी। इसे न ही दूसरे मद अथवा काम में खर्च किया जा सकेगा।
जिस सड़क निर्माण के लिए पैसा आएगा, उस सड़क का निर्माण करने वाली एजेंसी को यह फंड 3 दिन के भीतर जारी करना होगा। ऐसा नहीं करने पर राज्य सरकार से केंद्र प्रतिदिन के हिसाब से 12 फीसदी ब्याज वसूल करेगा।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने यह नई शर्त लगाई है। इस बारे में प्रदेश सरकार को पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार का पत्र मिला है।
हिमाचल में अभी 700 से ज्यादा गांव सड़कों से जुड़ने को हैं। कई जगह सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। कई जगह बजट न आने के कारण काम लटका हुआ है। पीएमजीएसवाई के तहत राज्य में 50 सड़कों का काम वर्तमान में चल रहा है।
इन सड़कों के लिए केंद्र सरकार ने करोड़ों की राशि स्वीकृत की है। लेकिन इन सड़कों को बना रहे लोनिवि के पास समय पर पैसा ही नहीं पहुंच पाता है। केंद्र सरकार की नई शर्त से इन सड़कों के निर्माण में तेजी आ सकेगी।