सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के गेट पर संचालिका मनीषा की गोलियां मारकर हत्या के मामले की पहेली 11 दिन के बाद भी सुलझ नहीं पाई है। पुलिस ने वारदात के 39 घंटे के भीतर हत्याकांड में शामिल दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन हत्या की साजिश रचने वालों से पुलिस अभी तक दूर है।
दोनों शूटरों से पुलिस लंबी पूछताछ कर चुकी है और सात दिन के रिमांड के बाद फिर तीन दिन का रिमांड ले चुकी है। इस दौरान आरोपियों ने कई लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं जिसकी सत्यता जानने के लिए पुलिस हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसमें एक नाम जो सामने आ रहा है वह शख्स कुछ समय पहले ही देश से बाहर जा चुका है।
ऐसे में पुलिस को उसे जांच में शामिल करने में दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि पुलिस अभी इस शख्स के नाम को सार्वजनिक नहीं कर रही है जिससे जांच प्रभावित न हो। पुलिस प्रारंभिक सफलताओं के बावजूद हत्या की तह तक नहीं पहुंच पाई है। इस दौरान पुलिस 30 से अधिक लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है।
जांच का दायरे शिमला से लेकर हरियाणा तक मनीषा के भाई, उनके पति और अन्य परिचितों तक बढ़ाया गया है। दोनों शूटरों की पारिवारिक हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। शूटरों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने हत्या में इस्तेमाल किए गए दोनों पिस्तौल पांच साल पहले खरीदे थे लेकिन किससे खरीदे थे इसको लेकर कोई खुलासा नहीं कर रहे हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ इससे पहले भी अवैध वसूली समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में कांट्रेक्ट किलिंग, पुरानी रंजिश और संपत्ति विवाद को लेकर जांच की जा रही है।
मनीषा मित्तल की 13 जून को शाम 6:00 बजे के करीब स्कूल के गेट पर कई गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने दो शूटरों हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष अहलावत और रोहत निवासी दीपक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रोहतक से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। दोनों आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है। इसके बावजूद अभी भी हत्या की वारदात की गुत्थी पहेली बनी हुई है जिसे सुलझाने के लिए एसआईटी लगातार छानबीन कर रही है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से छानबीन कर रही है।
सरस्वती पैराडाइज : पूर्व चेयरमैन ने सौंपा स्कूल का रिकॉर्ड
राजधानी के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के पूर्व चेयरमैन हिमांक मित्तल ने भी जिला प्रशासन को रिकॉर्ड सौंप दिया है। मित्तल के अधिवक्ता ने बुधवार को जिला प्रशासन को स्कूल और गवर्निंग बॉडी से जुड़ा रिकॉर्ड सौंपा है। इससे पहले स्कूल प्रबंधन भी सारा रिकॉर्ड प्रशासक को सौंप चुका है। अब यह स्कूल पूरी तरह से जिला प्रशासन के नियंत्रण में चल रहा है। स्कूल प्रशासक एवं एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने स्कूल को सुचारु रूप से चलाने के लिए कमेटियों का गठन भी किया है। इसमें स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शिक्षा उपनिदेशक की अगुवाई में कमेटी बनाई गई है। स्कूल के वित्तीय लेन-देन का लेखा-जोखा अब उपायुक्त कार्यालय के वित्त अधिकारी देखेंगे।
बच्चों की पढ़ाई सुचारु रहे, कर्मचारियों की तनख्वाह को लेकर भी कोई दिक्कत न हो, इसके लिए प्रशासक ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 13 जून को स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के बाद जिला प्रशासन ने इस स्कूल को अपने अधीन लिया है। अब स्कूल में पढ़ाई का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को भी स्कूल में सभी कक्षाएं सुचारु रूप से चलीं।