उत्तर भारत की विख्यात मणिमहेश यात्रा के जन्माष्टमी स्नान में इस बार चंद शिवभक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। जन्माष्टमी स्नान का शुभ मुहूर्त मंगलवार सुबह नौ बजकर सात मिनट पर शुरू हुआ। जबकि, बुधवार 11 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। कोरोना संकटकाल के चलते इस बार लाखों शिवभक्त मणिमहेश डलझील में नहीं पहुंच पाए। वर्षों बाद ऐसा माहौल भोले की नगरी में दिखा।
पहली मर्तबा छोटे स्नान में शामिल होने वाले शिवभक्तों की संख्या काफी कम रही। हर साल मणिमहेश यात्रा के दौरान देश-विदेश के विभिन्न राज्यों से लाखों की तादाद में शिवभक्त पहुंचते थे। भरमौर मुख्यालय सहित यात्रा के विभिन्न पड़ाव भगवान शिव के जयकारों से गूंजते थे। लेकिन, इस बार भोले की नगरी सुनसान रही। मात्र जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों से चुनिंदा शिव भक्तों को ही मणिमहेश डलझील में जाने की परमिशन दी गई। आम लोगों के लिए यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित रही।