पवित्र मणिमहेश यात्रा के चलते शनिवार को हेलिकाप्टर ने 44 उड़ानें भरीं। इसके चलते भरमौर हेलीपैड से गौरीकुंड के लिए तक 246 श्रद्धालु पहुंचे। गौरीकुंड से 238 श्रद्धालुओं को लेकर हेलिकाप्टर भरमौर हेलीपैड पर लैंड हुआ। मणिमहेश यात्रा में उड़नखटोला शिवभक्तों के लिए लाभप्रद साबित हो रहा है। वहीं जन्माष्टमी के दिन से अब तक 50 हजार श्रद्धालुओं का यात्रा के लिए पंजीकरण हो चुका है। साथ ही ये क्रम अब बढ़ता जा रहा है।
रोजाना सैकड़ों लोग यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण करवा रहे हैं। गौरतलब है कि पवित्र मणिमहेश यात्रा पर देश के कोने-कोने से शिवभक्त पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान अधिकांश शिवभक्त पैदल यात्रा करना उपयुक्त मानते है। कुछ लोग हवाई सेवा के जरिए भी यात्रा करने में विश्वास करते हैं। ऐसे में हेलिकाप्टर सेवा शिवभक्तों की यात्रा को सुगम बनाने का काम कर रही है।
मुख्य सचिव ने मणिमहेश में यात्रा के प्रबंध जांचे
मणिमहेश यात्रा के प्रबंध जांचने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना पहुंचे। वे शनिवार सुबह भरमौर से हेली टैक्सी से गौरीकुंड पहुंचे। यहां कैलाश पर्वत के दर्शन किए। वहां से एक किलोमीटर पैदल चलकर डल झील पर चतुर्मुखी शिवलिंग पर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता भरमाणी के दर्शन किए। मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं के लिए किए गए प्रबंधों को जांचा और दिशा-निदेश भी दिए। इस मौके पर उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त उपायुक्त नवीन तंवर मौजूद रहे।