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मणिमहेश यात्रा 2016: कब होगी यात्रा शुरू, क्या होंगे खास इंतजाम

Fri, 24 Jun 2016 02:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भरमौर (चंबा)
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मणिमहेश की यात्रा पर ‌निकले चंबा के उपायुक्त सुदेश मोख्टा।
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मणिमहेश यात्रा के दौरान इस बार सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे। यात्रा को इस बार दस की जगह 12 सेक्टर में बांटा जाएगा और हर पड़ाव पर पुलिस के पहरे में सूचना केंद्र की व्यवस्था की जाएगी। हर केंद्र के तार भरमौर मुख्यालय से जोड़े जाएंगे। पल-पल की अपडेट भरमौर मुख्यालय में स्थापित सूचना केंद्र को मिलती रहेगी।
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यह निर्देश उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने मणिमहेश की यात्रा करने के बाद ट्रस्ट की बैठक को संबोधित करते हुए दिए। उन्होंने बताया कि मणिमहेश के लिए यात्रियों और खच्चर या घोड़ों के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए जाएंगे।  उन्होंने बताया कि मणिमहेश पर्वत का बहुत बड़ा हिस्सा सेंचुरी एरिया में आता है, लेकिन इसके बावजूद लंगर समितियों ने पड़ाव पर कंकरीट के पक्के ढांचे बना लिए हैं।

इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण और वन विभाग को इन ढांचों को गिराने के निर्देश दिए। साथ ही भौजपत्र को नष्ट करने से रोकने के लिए भी वन विभाग से कार्रवाई का आह्वान किया। उपायुक्त ने कहा कि मुख्य सचिव पीसी फारका के आदेश थे कि पवित्र मणिमहेश यात्रा को धार्मिक पर्यटन में किस आधार पर बढ़ाया जा सकता है।
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इसके चलते उन्होंने यात्रा शुरू होने से पूर्व मणिमहेश की स्थिति से अवगत होने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि पवित्र मणिमहेश यात्रा  इस  बार 12 अगस्त से नौ सितंबर तक होगी। जबकि पहली अगस्त से 12 सितंबर से पुलिस व्यवस्था रहेगी। कानून व्यवस्था को किसी भी प्रकार की ढील न बरतने के आदेश भी दिए गए हैं।

भरमौर से हड़सर तक नहीं लगेगा कोई लंगर

मणिमहेश
मणिमहेश यात्रा के दौरान पार्किंग की सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इसके चलते उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने किसी भी प्रकार की ढील न बरतने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भरमौर से हड़सर तक किसी भी प्रकार का लंगर नहीं लगेगा। मणिमहेश यात्रियों के वाहनों को चेक पोस्ट पर पुलिस, एक्साइज, आरटीओ और वन विभाग मुआयना करेंगे।

यात्रा से पूर्व क्रेश बैरियर लगाए एनएच प्रबंधन
चंबा से भरमौर तक नेशनल हाइवे प्रबंधन और लोनिवि को आदेश दिए गए हैं कि चंबा से हड़सर तक क्रैश बैरियर का काम यात्रा से पूर्व पूरा किया जाए। सड़क की हालत में सुधार किया जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह सड़क हादसे का खतरा न रहे। इसके साथ भरमौर-हड़सर के बीच मणिमहेश यात्रा के लिए छोटी बसें उपलब्ध करवाने का भी निर्णय लिया।
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यमकुंशड से होकर जाएंगे घोड़े, भैरोघाटी में पुल की संभावना

ट्रस्ट की बैठक को संबोधित करते उपायुक्त सुदेश मोख्टा।
इस बार हड़सर से मणिमहेश तक घोड़े खच्चर यमकुंड से होकर जाएंगे। पैदल यात्रियों के लिए अगल रूट होगा। पड़ाव के महत्व पर अलग से बोर्ड बनाए जाएंगे। जिसे संपूर्ण यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर लगाया जाएगा। भैरोघाटी में पुल बनाने के लिए संभावना तलाशने के निर्देश दिए, ताकि भीड़ होने पर दो रास्ते बन सकें।

लंगर समिति से लिए जाएंगे दस हजार रुपये
लंगर लगाने वाली संस्था से दस हजार रुपये लिए जाएंगे और वे वापस नहीं होंगे। लंगर आयोजक दानपात्र नहीं लगा पाएंगे। लंगर के बाहर ट्रस्ट के दानपात्र होंगे। इससे एकत्र होने वाली धनराशि मणिमहेश यात्रा के बेहतर प्रबंधों पर खर्च होगी। पिछले साल ट्रस्ट को लंगर से पांच लाख रुपये की आय हुई थी।

हड़सर से डल झील तक दुकानों की काटी जाएगी पर्ची
हड़सर से डल झील तक अस्थायी दुकानों की पर्ची ट्रस्ट और पंचायत मिलकर काटेगी। इसका 75 प्रतिशत ट्रस्ट को आएगा और 25 प्रतिशत पंचायत को जाएगा। विभिन्न पड़ावों पर 100 शौचालय बनाए जाएंगे। लकड़ी के चार डिपो होंगे। ये धनछो, गौरीकुंड मणिमहेश के अलावा सुंदरासी में होंगे।
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