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शादी के नाम पर बेटियों की तस्करी, मेनका गांधी ने मांगी रिपोर्ट

Sat, 26 Nov 2016 06:52 PM IST
संजय भारद्वाज/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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चंद रुपये और सुहाने सपने दिखाकर शादी करने के नाम पर हो रही बेटियों की कथित तस्करी के मामले में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सिरमौर जिले से बाहरी राज्यों में हो रहे लड़कियों के कथित सौदों पर ट्वीट मामले में हिमाचल सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
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जिला प्रशासन को भी आदेश दिए हैं कि सूचना एवं जन संचार के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए। गौरतलब है कि शादी के नाम पर सिरमौर के शिलाई इलाके में बेटियों की कथित रूप से तस्करी हो रही है। लंबे अरसे से हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लोग यहां की लड़कियों को शादी के नाम पर ले जा रहे हैं।

इनकी खासकर हरियाणा के अधेड़, अपंग, शादीशुदा और तलाकशुदा व्यक्तियों से शादियां करवाई जाती हैं। ‘अमर उजाला’ ने 21 नवंबर के अंक में ‘शादी के नाम पर सिरमौर से बेटियों की तस्करी’ शीर्षक से यह मामला प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने ये आदेश दिए हैं।
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मेनका ने प्रशासन को दिए सख्त आदेश

उन्होंने कहा है कि प्रशासन सूचना शिक्षा और संचार के माध्यम से जनता को इसके खिलाफ जागरूक करे। शिलाई प्रशासन के पास बाहरी राज्यों में लड़कियों की शादी के कई मामले आए हैं, लेकिन परिजन मामलों की जांच करवाना नहीं चाहते।

लिहाजा, जागरूकता इसमें अहम भूमिका निभा सकती है। गरीबी और अशिक्षा बेटियों के सौदों की मुख्य वजह है। 400 से अधिक लड़कियों ने एक साल में आठवीं से पहले ही स्कूल छोड़ दिए हैं।
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मामले पर राज्य सरकार ने बैठाई जांच

एसडीएम शिलाई विकास शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी से इस तरह के आदेश मिलने की पुष्टि की है। साथ ही कहा कि अभी तक उनके पास लिखित आदेश नहीं आए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले में मेनका गांधी ने कड़ा संज्ञान लिया है।

चलाया है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान
सिरमौर में प्रशासन ने बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया है। बावजूद इसके बेटियों की शिक्षा का ग्राफ घटना चिंताजनक है। हालांकि, प्रशासन ने स्कूल छोड़ चुकी बेटियों को फिर स्कूलों में दाखिल करने की कवायद शुरू कर दी है। प्रशासन के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान और शिक्षा के अधिकार के इस इलाके में अभी भी कोई मायने नहीं रह गए हैं।

मामले पर राज्य सरकार ने बैठाई जांच
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने बताया है कि ‘अमर उजाला’ में खबर पढ़ने के बाद इस पूरे प्र्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभाग के निदेशक और संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से भी रिपोर्ट मांगी गई है। अगर क्षेत्र में इस तरह का कोई काम कर रहा है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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