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मंडी: यूक्रेन से सुरक्षित लौटे विद्यार्थियों ने किया भगवान का शुक्रिया

Thu, 24 Feb 2022 11:32 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

मंडी के तुंगल क्षेत्र के डवाहण निवासी अनिमेष ठाकुर ने कहा कि वह सकुशल अपने घर लौट आए हैं। जब वह आए तो हालात सामान्य लग रहे थे। उनके पिता पद्मनाथ ने बताया कि यूक्रेन में खराब हालात को देखते हुए उन्होंने बेटे को घर बुला लिया था। 
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मंडी के वैभव सेन अनिमेष ठाकुर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रूस हमले के बाद यूक्रेन में फंसे लोगों के परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी बीच कुछ विद्यार्थी अपने वतन सकुशल लौट आए हैं। मंडी के तुंगल क्षेत्र के डवाहण निवासी अनिमेष ठाकुर ने कहा कि वह सकुशल अपने घर लौट आए हैं। जब वह आए तो हालात सामान्य लग रहे थे। उनके पिता पद्मनाथ ने बताया कि यूक्रेन में खराब हालात को देखते हुए उन्होंने बेटे को घर बुला लिया था। उनका बेटा यूक्रेन में पोलटावा मेडिकल इंस्टीट्यूट में एमबीबीएस कर रहा है। 16 फरवरी को फ्लाइट बुक करवाने पर वह 20 फरवरी को भारत के लिए रवाना हुआ। दो दिन पहले ही घर पहुंचा है। बेटे के घर लौटने पर परिवार के सभी लोग खुश हैं। उधर सुंदरनगर के पुराना बाजार निवासी शिवांगी पुत्री यादविंदर शर्मा यूक्रेन से वापस वीरवार सुबह दिल्ली पहुंच गई है। उसने करीब 10 दिन पहले ही अपना वापसी का टिकट बुक करवाया था। वह शुक्रवार को सुंदरनगर पहुंचेगी। पिता यादवेंद्र शर्मा ने बताया कि बेटी को 10 दिन पहले ही वापसी के लिए कह दिया था। शिवांगी ने भारत वापसी के लिए टिकट पर 30 हजार अदा किए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी एमबीबीएस चौथे वर्ष की पढ़ाई कर रही है।

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सुरक्षित माहौल था, घरवालों ने वापस बुलाया : वैभव
जोगिंद्रनगर के मकरीड़ी के रोहटा गांव के वैभव सैन ने गुरुवार सुबह अपने घर पहुंचने पर खुशी जताते हुए कहा कि वह सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर रहा था। सरकार के आदेशों की अनुपालना करते हुए वह अपने घर पहुंचा है। बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी यूक्रेन में नहीं झेलनी पड़ी। 22 फरवरी को फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे और वीरवार सुबह सुरक्षित अपने घर पहुंच गए हैं। नवंबर में यूक्रेन में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। वैभव के पिता मनोज कुमार ने भी तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए बेटे को घर बुला लिया था।

यहां युद्ध का खतरा कम, फिर भी चिंता
बल्ह के ढांगू की रितिका भी यूक्रेन में फंसी है। रितिका ने बताया कि स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी बेवकोविनिया से एमबीबीएस कर रही है। घरवालों से उसकी बातचीत हुई है। वह अभी सकुशल है। उसके पिता कृष्ण ने बताया कि बेटी सकुशल है। जहां वह रहती है, वहां युद्ध का खतरा कम है। 
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धर्मपुर के तीन युवा छात्र भी फंसे
एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए धर्मपुर उपमंडल के तीन युवा यूक्रेन में फंसे हैं। इनमें नरैण सिंह पुत्र इंद्र सिंह गांव धर्मपुर, अभिलाष ठाकुर पुत्र बलदेव गांव सिंहन पैहड व अंकुश ठाकुर पुत्र कश्मीर सिंह शामिल हैं।  सभी यूक्रेन में एबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। नरैण सिंह तथा अंकुश का यह अंतिम वर्ष है और जून में वह अपनी पढ़ाई पूरी करके घर वापिस आने वाले हैं।  अचानक हालात बिगड़ने पर वहीं फंस गए हैं। अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।   नरैण सिंह के पिता इंद्र सिंह कटवाल ने बताया कि सुबह ही बेटे से बात हुई है उनका बेटा बीएसएमयू युनिवर्सिटी में पढ़ता है तथा उसका यह छठा वर्ष चला हुआ है  अंकुश ठाकुर के पिता कश्मीर सिंह से भी बात की तो उन्होंने बताया कि वह सियाचिन वार्डर पर है और बच्चे की चिंता उन्हें भी सता रही है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटे से बात हुई है और अभी वह सुरक्षित है। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह बच्चों को वापिस लाने में उनकी मदद करें।

यूक्रेन में फंसे लोगों को लाने के लिए करेंगे हर संभव मदद : चंद्रमोहन
यूक्रेन में फंसे हुए भारतीयों को वापस लाने के लिए हरसंभव मदद की जाएगी। यह बात सरकाघाट के  समाजसेवी चंद्रमोहन शर्मा ने कही। चंद्रमोहन शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर एलान किया कि वह यूक्रेन में फंसे लोगों को लाने की हरसंभव कोशिश करेंगे। कहा कि सरकाघाट के तीन लोग जल्द लौट रहे हैं। अन्य लोगों की भी मदद की जाएगी। यदि कोई भारतीय यूक्रेन से वापस आना चाहता है तो वह उससे संपर्क कर सकता है। चंद्रमोहन शर्मा ने अपना संपर्क नंबर भी जारी किया है। 

अभिभावक घबराएं नहीं, सुरक्षित लाए जाएंगे नागरिक
 जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक, युवा को यूक्रेन से सुरक्षित लाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रयास कर रहे हैं। केंद्र सरकार से बात शुरू कर दी है। धर्मपुर के नागरिक भी यूक्रेन में फंसे हैं। कहा कि हिमाचल का हर बच्चा चाहे वह पढ़ाई कर रहा हो या फिर वहां नौकरी या कारोबार करता हो सभी को सुरक्षित लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर चिंतित है और किसी भी अभिभावक को घबराने की जरूरत नहीं है।

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