उपायुक्त मंडी ऋगवेद ठाकुर ने कहा कि मानसून से पहले ही बारिश में वैकल्पिक सड़क मार्ग से ऊपर की ओर समतल पहाड़ी पर जल भराव के कारण तालाब निर्मित होना प्रारंभ हो गया था।
इसकी सूचना मिलने पर प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग व आईआईटी मंडी के साथ मिलकर स्थिति का जायजा लिया। विशेषज्ञों की सलाह पर एकत्र हो रहे जल की नियंत्रित निकासी के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे।
लोनिवि के मध्य जोन के चीफ इंजीनियर केहर सिंह ने कहा कि कच्ची मिट्टी सतह पकड़ने में दो से तीन सीजन का समय लेती है। लेकिन, भारी बारिश में पानी की भीतर से निकासी व दबाव के कारण कच्ची मिट्टी का लगातार क्षरण होने से वैकल्पिक मार्ग को नुकसान पहुंच रहा है।
वर्तमान में क्षरण केवल ऊपर से आए मलबे में हो रहा है और वास्तविक सड़क व पहाड़ी का धरातल मजबूत है। ऐसे में उसी पर वैकल्पिक सड़क निर्मित कर यातायात बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे।
चीफ इंजीनियर केहर सिंह ठाकुर ने एनएच के एक्सईएन राजीव शर्मा को निर्देश दिए हैं कि डैमेज पुल और एनएच की पुरानी लाइन को खोजा जाए।
पधर (मंडी)। पठानकोट-मंडी एनएच 154 बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय लोगों को उठानी पड़ रही है। उन्हें पैदल सफर करना पड़ रहा है। यातायात व्यवस्था बदलने के बाद पधर और घटासनी से आगे वाहन नहीं आ रहे हैं।
ऐसे में इन दोनों स्टेशनों के बीच के गांववासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कहीं जाने के लिए उन्हें मीलों पैदल सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन ने इन गांवों के लिए परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं की है। लोगों को टैक्सी सेवा भी नहीं मिल पा रही है।
मौसम में सुधार होने के बाद ही एनएच बहाल हो सकेगा। मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने 31 जुलाई तक यातायात बंद रखने का फैसला लिया है। उसके बाद ही मार्ग बहाली का कार्य शुरू हो सकेगा। यदि बारिश हुई तो काम आगे के लिए सरक सकता है।
जिला प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की है। जोगिंद्रनगर से मंडी की ओर जाने वाले वाहनों को घटासनी से झटिंगरी, घोघरधार भेजा जा रहा है। मंडी से जोगिंद्रनगर की ओर जाने वाले वाहन पधर से वाया नौहली भेजे जा रहे हैं। वैकल्पिक मार्ग के चलते स्थानीय लोगों को कुछ मील का सफर पैदल करना पड़ रहा है।
कोटरोपी में एनएच के बंद होने के कारण सेना के वाहन पालमपुर और पंडोह के पास सेना ठहराव में रोक दिए हैं। हाईवे बंद होने के कारण दर्जनों मालवाहक वाहन रविवार को पधर और जोगिंद्रनगर के समीप रोकने पड़े। अभी एनएच के खुलने की संभावना कम ही है।
कोटरोपी में हादसास्थल पर कोई अनहोनी न हो, इसके लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। यहां बने संकरे रास्ते से लोग जान जोखिम में डालकर जा रहे हैं। प्रशासन ने हादसा स्थल से दिन को सायरन सिस्टम को आधार मानकर लोगों की पैदल आवाजाही को बहाल रखने के निर्देश पुलिस को दिए हैं।
एसडीएम पधर डॉ. आशीष शर्मा ने कहा कि घटासणी से पधर के बीच परिवहन सेवा में आ रही दिक्कत को लेकर उपायुक्त मंडी से बात की गई है। जल्द ही लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
उपायुक्त मंडी ऋगवेद ठाकुर ने कहा कि मंडी-पठानकोट एनएच पर यातायात सुचारु रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। जब तक मौसम में सुधार नहीं होता है तब तक यातायात बंद रहेगा।