मंडी के पास ब्यास नदी में बहे हैदराबाद के इंजीनियरिंग छात्रों की तलाश में जुटी एनडीआरएफ की टीमों को दो और छात्रों के शव मिले हैं। 11वें दिन सर्च ऑपरेशन में जुटी टीमों ने पंडोह डैम से ये शव बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब एक बजे एनडीआरएफ के कुछ जवानों को ये शव डैम में तैरते हुए दिखाई दिए। इसके बाद जवानों ने इन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
दोनों शव काफी क्षत विक्षत हो चुके हैं। ऐसे में इनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। फिलहाल जांच टीमें इनकी शिनाख्त में जुट गई हैं।
अब तक बरामद हुए 10 शव
मंडी हादसे में अब तक कुल 10 छात्रों के शव बरामद हो चुके हैं। पिछले पांच दिन चले सर्च ऑपरेशन में तलाश कर रही टीमों को निराशा ही हाथ लगी थी मगर बुधवार दोपहर डैम में दो और शव बरामद कर लिए गए।
लापता हुए कुल 25 छात्रों में से 10 के शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि बाकी 15 अभी भी लापता है। प्रशासन का कहना है कि इनकी तलाश अभी जारी रहेगी।
गौरतलब है कि हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के ये 25 छात्र आठ जून की शाम ब्यास नदी में बह गए थे। लारजी प्रोजेक्ट से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के चलते ब्यास का जलस्तर अचानक बढ़ गया था जिससे ये छात्र नदी में बह गए थे।
लौटने लगे हैं परिजन
उधर, पिछले कुछ दिन से लापता छात्रों का पता न लगने से परिजन वापस लौटने लगे हैं। मंगलवार को भी कई छात्रों के अभिभावक वापस चले गए। इनकी उम्मीदें अब धुंधली पड़ चुकी हैं।
मंगलवार को कई अभिभावकों ने स्थानीय प्रशासन से डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की भी मांग की। इनका कहना था कि शायद ही वे अब अपने लाडलों को देख पाएंगे।
उधर, लारजी प्रोजेक्ट को क्लीन चिट दी गई है। विद्युत बोर्ड की आंतरिक जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रोजेक्ट से पानी छोड़ने से पहले सारी औपचारिकताएं पूरी की गई थी और कोई लापरवाही नहीं बरती गई।