वन्य प्राणी विभाग ने ये कहा
वन्य प्राणी विभाग के वन मंडलाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि मोर एक ऐसी प्रजाति का पक्षी है जो अपने आवास को लेकर ज्यादा चुनिंदा नहीं होता। हालांकि परंपरागत रूप से यह मैदानी इलाकों का पक्षी है लेकिन हिमाचल में भी इसे देखा गया है। कुछ साल पहले डोभी के जंगल से एक मोर को रेस्क्यू भी किया गया था। शर्मा का मानना है कि इस बदलाव का एक कारण यह हो सकता है कि पहाड़ी क्षेत्र अब पहले की तरह ठंडे नहीं रहे जिससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र मोरों के रहने के लिए अधिक अनुकूल हो गए हैं। वन्य प्राणी विभाग से सेवानिवृत्त अरण्यपाल बीएस राणा ने कहा कि इतनी अधिक ऊंचाई पर मोर का मिलना यही संकेत है कि हमारे मौसम चक्र और पर्यावरण में बदलाव आ रहा है। वन्य प्राणी सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं पर्यावरण विद किशन लाल का कहना है कि मोर का आना पर्यावरण बदलाव का संकेत है। हमें अधिक से अधिक पौधरोपण करना चाहिए।