रामकृष्ण ने अंदर का दरवाजा बंद कर दिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग इकट्ठा हुए और दरवाजे को तोड़कर घर में घुस गए। जहां रामकृष्ण ने पहले ही खुद और पत्नी पर पेट्रोल छिड़का हुआ था और तुरंत माचिस से पत्नी और खुद को आग लगा ली।
लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन को सूचित किया। लोगों और फायर ब्रिगेड़ की टीम ने आग पर तो काबू पाया, लेकिन दंपती को नहीं बचाया जा सका। घायल बच्ची को 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल घुमारवीं लाया गया। यहां उसे उपचार देने के बाद घर भेज दिया। डीएसपी राजेंद्र कुमार जसवाल ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की गहनता से जांच की जा रही है।