एक दिन बोतल से बदबू आने लगी। इसमें मिलावट का शक हुआ। इस पर अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दी और पानी का सैंपल फोरेंसिक लैब भेजा गया। लैब में पड़ताल के बाद पाया गया कि बोतल के पानी में यूरिन मिला हुआ है। लैब ने यह जांच रिपोर्ट पुलिस विभाग को सौंप दी है।
पुलिस का कहना है कि कर्मचारी पर जो आरोप लगे हैं, उसके आधार पर तुरंत गिरफ्तारी संभव नहीं है। थाना प्रभारी डॉ. आकृति शर्मा ने मामले की पुष्टि की कि शिकायत पर चपरासी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
उन्होंने एफएसएल से आई जांच रिपोर्ट में पानी में यूरिन होने की बात मानी है। उधर, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि मामले की तफ्तीश जारी है।