धर्मशाला। कांगड़ा जिला में पोषण अभियान कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। यह शब्द उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने शुक्रवार को रेडक्रॉस भवन में पोषण अभियान का शुभारंभ करने के उपरांत व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष, पोषण अभियान का उद्देश्य जीवन-चक्र दृष्टिकोण के माध्यम से कुपोषण से व्यापक रूप से निपटना है, जो मिशन पोषण 2.0 की आधारशिला है। पोषण-समृद्ध भारत, शिक्षित भारत, सशक्त भारत के थीम को लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। डीसी ने बताया कि जिला कांगड़ा में 4226 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान संचालित किया जाएगा।
जिले में एक महीने तक चलने वाले इस कार्यक्रम में स्तनपान और पूरक आहार के प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान के माध्यम से जमीनी स्तर पर पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। स्वस्थ बाल प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही पोषण भी पढाई भी, पर्यावरण के लिए जीवन शैली जैसी गतिविधियों पर भी विशेष बल दिया जाएगा। बातचीत के माध्यम से एनीमिया जैसे स्वास्थ्य कारणों पर भी महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर आउटरीच कार्यक्रम, पहचान अभियान, शिविर और घरेलू दौरे आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक शर्मा, समेकित महिला बाल एवं विकास विभाग के विभिन्न अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।