अब यौन उत्पीड़न की शिकायत केवल महिलाएं या छात्राएं ही नहीं, बल्कि मेल स्टाफ और छात्र भी कर सकेंगे। जी हां, यूजीसी ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। सरकारी और निजी विवि के अलावा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट और स्टाफ अब यौन उत्पीड़न की शिकायतें संबंधित संस्थान की वेबसाइट पर आनलाइन दर्ज करवा सकेंगे।
यूजीसी ने पत्र जारी कर संस्थान प्रबंधकों को इसके लिए अपनी वेबसाइट पर अलग पृष्ठ जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पहले यौन उत्पीड़न का मामला केवल महिलाओं तक सीमित था, लेकिन अब विश्वविद्यालयों ने इसका दायरा पुरुषों तक बढ़ा दिया है। हालांकि उच्च शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं पर अत्याचार एवं लिंग भेद की प्रवृति न हो, इस मकसद से भी यूजीसी ने यह फैसला लिया है।
निर्देशों में शिकायतकर्ता और आरोपी, दोनों की पहचान गुप्त रखे जाने का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है। बाकायदा जांच के दौरान पूछताछ के लिए बुलाए गए गवाहों की पहचान को भी गोपनीय रखने के निर्देश हैं। इस कवायद को सफल करने के लिए अलग सेल के गठन को भी कहा गया है।