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छात्राएं ही नहीं, छात्र भी कर सकेंगे यौन उत्पीड़न की शिकायत

Wed, 20 Jul 2016 12:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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अब यौन उत्पीड़न की शिकायत केवल महिलाएं या छात्राएं ही नहीं, बल्कि मेल स्टाफ और छात्र भी कर सकेंगे। जी हां, यूजीसी ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। सरकारी और निजी विवि के अलावा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट और स्टाफ अब यौन उत्पीड़न की शिकायतें संबंधित संस्थान की वेबसाइट पर आनलाइन दर्ज करवा सकेंगे।
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यूजीसी ने पत्र जारी कर संस्थान प्रबंधकों को इसके लिए अपनी वेबसाइट पर अलग पृष्ठ जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पहले यौन उत्पीड़न का मामला केवल महिलाओं तक सीमित था, लेकिन अब विश्वविद्यालयों  ने इसका दायरा पुरुषों तक बढ़ा दिया है। हालांकि उच्च शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं पर अत्याचार एवं लिंग भेद की प्रवृति न हो, इस मकसद से भी यूजीसी ने यह फैसला लिया है।

निर्देशों में  शिकायतकर्ता और आरोपी, दोनों की पहचान गुप्त रखे जाने का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है। बाकायदा जांच के दौरान पूछताछ के लिए बुलाए गए गवाहों की पहचान को भी गोपनीय रखने के निर्देश हैं। इस कवायद को सफल करने के लिए अलग सेल के गठन को भी कहा गया है।
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इस तरह से चलेगी प्रक्रिया

समिति की पूछताछ एक विस्तृत प्रक्रिया के अनुसार होगी। जो शिकायत दर्ज होने से शुरू होगी। यह प्रक्रिया गवाहों के एग्जामिनेशन, क्रास एग्जामिनेशन और फिर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तक चलेगी। कमेटी के सदस्यों का फर्ज होगा कि जांच में पूरी तरह से पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतें। आरोपी को यौन उत्पीड़न का दोषी पाए जाने की स्थिति में कार्यस्थल से निष्कासित किए जाने से लेकर उसे जुर्माने तक देने का दंड दिया जा सकता है।

25 हजार से अधिक स्टूडेंट
सोलन जिले में दस निजी विवि और एक सरकारी विवि समेत करीब दो दर्जन उच्च शिक्षण संस्थानों में 25 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। पांच विवि बद्दी में ही हैं। यहां प्रदेश के दूर दराज क्षेत्रों के अलावा अन्य राज्यों से स्टूडेंट पढने आते हैं। छात्राओं की संख्या काफी अधिक रहती है। वहीं महिला कर्मचारियों की संख्या भी अच्छी खासी है।

कुछ ने शुरू किया कार्य, कुछ ने बनाई कमेटी
महाराजा अग्रसेव विवि के रजिस्ट्रार अजय कुमार ने कहा कि इस संबंध में व्यवस्था शुरू कर दी है। बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एसके बंसल ने बताया की इस संबंध में विवि को परिपत्र मिल चुका है। संज्ञान लेते हुए 9 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस समिति के सदस्य बाहरा विवि के फैकल्टी एवं  छात्र  हैं, जिनमें मुख्यत: महिलाएं शामिल हैं।
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