स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने ब्लैक फंगस को लेकर मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। हिमाचल में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट किया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ब्लैक फंगस को लेकर तैयारियों में जुट गई है। प्रदेश के सभी 6 मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। एक वार्ड में 10 से ज्यादा बेड नहीं लगेंगे। शुक्रवार को स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने व्यवस्था को लेकर मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों और सीएमओ से बात की।
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उन्होंने अस्पतालों में एंटिफंगल दवाओं एम्फोटेरिसिन-बी का पर्याप्त भंडारण करने के भी निर्देश दिए। दवाओं की रिक्वायरमेंट भेजने के बाद स्टोर इंचार्ज से भी सप्लाई भेजने को कहा है। कई राज्यों में यह बीमारी कहर बरपा रही है। हिमाचल में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट किया है।
आईजीएमसी में भर्ती महिला को 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि ब्लैक फंगस के बीजाणु पूरे वातावरण में मिट्टी और हवा में भी पाए जाते हैं। मुख्य रूप से यह उन लोगों को प्रभावित करता है जिन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं या वह लोग दवाएं लेते हैं। शरीर की रोगाणुओं और बीमारी से लड़ने की क्षमता को कम करती हैं। इन लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है।