पूर्व सैनिक लीग के प्रदेश अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने हमीरपुर में पूर्व सैनिक लीग के सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि कश्मीर में आजादी की मांग कर रहे लोगों को चेताया कि उन्हें आजादी 1947 में ही मिल गई है।
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अब आजादी की बारी बलूचिस्तान की है। जब भारत बलूचिस्तान को आजाद करवाएगा तो कश्मीर की आजादी के चाहवानों को सबक मिल जाएगा। पूर्व सैनिक देश की शक्ति का स्रोत हैं। इनके बुलंद हौसले देखकर जवान देश की सरहदों पर तैनात हैं।
सैनिकों की बदौलत हर साल लाल किले पर तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया जाता है। कहा कि अफसरशाही के कारण पूर्व सैनिकों को वन रैंक, वन पेंशन 34 साल के कड़े संघर्ष के कारण मिला है।
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जो सियाचिन जाने से मना करें, उन्हें कर दो बर्खास्त
कहा कि प्रत्येक आईएएस अफसर को सियाचिन भेजा जाना चाहिए।
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, वन रैंक, वन पेंशन (ओआरओपी) में कई खामियां हैं, लेकिन लीग इन्हें भी दूर करने में प्रयत्नशील है। कहा कि प्रत्येक आईएएस अफसर को सियाचिन भेजा जाना चाहिए। जो अफसर सियाचिन जाने से मना करता है, उसे तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।
तभी अफसर एक सैनिक परिवार की पीड़ा को समझ सकता है। कहा कि वर्तमान में प्रदेश में बेरोजगारी सबसे बड़ी चिंता का विषय है। प्रदेश में वर्तमान में बेरोजगार युवाओं की संख्या 16 लाख तक पहुंच गई है।
शिक्षित बेरोजगार इतना परेशान हैं कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पदों के लिए पीएचडी और एमफिल कर चुके युवा आवेदन कर रहे हैं। प्रदेश में बड़े उद्योग लगाकर ही बेरोजगारी को समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए पूर्व सैनिकों का संगठित होना जरूरी है। उन्होंने लीग पदाधिकारियों और पूर्व सैनिकों से अधिक से अधिक संख्या में लीग से जुड़ने की अपील की है।
कार्यक्रम में मौजूद सैनिकों के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
1. ओआरओपी में खामियां और सुधार।
2. पॉलीक्लीनिक हमीरपुर में स्त्री रोग विशेषज्ञ और एमएस का रिक्त पद।
3. यंग सैनिकों के परिवारों को लीग से जोड़ना।
4. वीर नारियों की समस्याओं को घर-द्वार पहुंच लीग के समक्ष लाना।
5. पूर्व सैनिक अलग से लीग का गठन न करें। संगठित रहें।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में प्रदेश महासचिव कर्नल बीएस राणा, डिप्टी डायरेक्टर कर्नल एएस गुलेरिया, ब्रिगेडियर दिलीप सिंह, कर्नल एसकेएस चंबियाल, एसएस गुप्ता, बीसी वर्मा, पृथ्वी चंद, एसएस गुप्ता, एमआर भारद्वाज, एमएम शर्मा, कर्नल सुभाष, लाल चंद मौजूद रहे।