शिमला के नेरवा से संबंध रखने वाले मेजर तुषार नगरैईक ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर वीरता और शौर्य का परिचय दिया है। उनकी इस वीरता के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर उन्हें सेना मेडल (वीरता) प्रदान करने की स्वीकृति दी है। यह सम्मान उन्हें भारतीय सेना के सेवा प्रमुख की ओर से एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा।
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मेजर तुषार नगरैईक वर्तमान में भारतीय सेना की 47 आर्ड रेजिमेंट में तैनात हैं और असम राइफल्स में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मेजर तुषार नगरैईक ने असम राइफल्स के अधिकारियों और जवानों का नेतृत्त्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार स्थित आतंकी शिविरों को नष्ट किया। इस साहसिक कार्रवाई के लिए उन्होंने उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और अदम्य साहस का परिचय दिया, जो भारतीय सेना की वीरता परंपरा को दर्शाता है।