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महंत रूपेश्वर गिरि कर रहे हैं ऐसा काम नहीं कर पाएंगे यकीन

Thu, 22 Feb 2018 10:33 AM IST
मंगल ठाकुर, अमर उजाला, बरठीं (बिलासपुर)
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हिमाचल के जिला बिलासपुर के बरठीं में माता खबड़ी देवी मंदिर बल्हसीहणा के महंत रूपेश्वर गिरि की पहचान अब ‘पेड़ वाले बाबा’ के रूप में होने लगी है। वह बिना किसी अनुदान या सरकारी मदद के अब तक पांच हजार से ज्यादा औषधीय और दूसरे पौधे रोप चुके हैं।

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उन्होंने 15 बीघा भूमि में एक वाटिका तैयार की है, जिसमें सागवान, खैर, आम, अमरूद, हरड़, बेहड़ा, आंवला, रुद्राक्ष, बांस, चंदन, वट, पीपल, अर्जुन और कटहल सहित विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाए हैं।

पर्यावरण बचाने के लिए वह 10 लाख रुपये तक खर्च चुके हैं। पौधों की खरीद के साथ ही वह उनके रखरखाव और बाड़बंदी के लिए भी काम कर रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत में महंत ने बताया कि वह 12 साल से पर्यावरण संरक्षण में लगे हैं। 
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लेकिन उन्हें इस बात का मलाल है कि कई बार बताने के बावजूद सरकार और वन विभाग के अधिकारी उनके बगीचे को देखने नहीं आए। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2005 से लगातार पौधे रोपते आ रहे हैं। दियोटसिद्ध मंदिर की तरह इस स्थल को भी पर्यटकों के लिए विकसित किया जा सकता है।

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एक पेड़ सौ पुत्रों के समान

महंत रूपेश्वर गिरि ने कहा कि एक पेड़ सौ पुत्रों के समान होता है। पेड़ हमें जहरीली गैसों से बचाते हैं। पेड़ों से हरा-भरा बगीचा मन को शांति और प्रसन्नता देता है।

मेरा मकसद भारत सरकार व राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण के राष्ट्रव्यापी अभियान में अपना योगदान देना है।

40 लाख से बनवाया मंदिर का गुंबद
विकास खंड झंडूता के अंतर्गत आने वाले इस मंदिर में हजारों लोगों की आस्था का केंद्र कुलजा देवी है। महंत मंदिर परिसर में लगभग चालीस लाख रुपये से गुंबद के निर्माण के अलावा अन्य मंदिरों के विकास के लिए भी पैसा दे चुके हैं।
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