फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

lumpy skin disease: लंपी रोग के वैरिएंट में बदलाव, अब टांग और गले में भी सूजन

ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 25 Sep 2022 12:24 PM IST

सार

लंपी के नए वैरिएंट में गले में सूजन के कारण सांस की नली प्रभावित हो रही है। इससे पशुओं की दम घुटने से मौत हो रही है। टांग में सूजन के बाद पशु सोना छोड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लंपी स्किन रोग - फोटो : संवाद


लंपी के नए वैरिएंट में गले में सूजन के कारण सांस की नली प्रभावित हो रही है। इससे पशुओं की दम घुटने से मौत हो रही है। टांग में सूजन के बाद पशु सोना छोड़ रहा है। दिन-रात पशु खड़ा रहता है। इसके बाद धीरे-धीरे खाना बंद कर रहा है। अंतिम समय में भी पशुओं की खड़े-खड़े मौत हो रही है। ठंड इस वैरिएंट में पशुओं के दाने नहीं निकल रहे हैं। उन्हें बुखार भी बहुत कम आ रहा है, लेकिन सूजन आ रही है। इसमें सूजन को कंट्रोल करने में काफी समय भी लगता है। पशुपालकों से अपील की है कि यदि पशुओं में ऐसे लक्षण पाए जाए तो तुरंत डॉक्टर को इसकी सूचना दें। संवाद


टांग, गले में सूजन पर डॉक्टरों को तुरंत दें सूचना

मौसम में बदलाव के साथ लंपी के वैरिएंट में बदलाव आया है। इसके लक्षण पहले वाले वैरिएंट से अलग हैं। यदि इसका समय पर पता न चले तो यह खतरा की भी है। इससे पशुओं की मौत भी हो सकती है। हालांकि, ठंड और बारिश से मक्खी, मच्छर में कमी गई है। इस कारण अब संक्रमण के मामले में भी कम हो रहे हैं। पशुपालक बारिश के बाद गोशाला समेत आसपास चूना डालें, जिससे वायरस खत्म हो सके। - डॉ. मनदीप सिंह सहायक उप निदेशक पशुपालन विभाग सोलन 


ये हैं नए वैरिएंट के लक्षण

- गले या फिर खुर के साथ टांग में सूजन

- सांस लेने में दिक्कत, खड़े ही रहते हैं पशु 

- आंख से लगातार पानी चलना

- भूख न लगना, दूध कम देना


ये हैं बचाव एवं रोकथाम कार्य

- रोग का पता चलते ही डॉक्टरों करें सूचित

- डॉक्टरों की राय से ही दवाएं दें

- पशुओं की समय-समय पर साफ करते रहें

- गोशाला में मक्खी, मच्छर न पनपने दें

- गर्म पानी और फिटकरी का सेंक दें

विज्ञापन
विज्ञापन
Next