हिमाचल प्रदेश में रसोई गैस सिलेंडर 61.50 रुपये सस्ता हो गया है। मार्च महीने में गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को 566.50 रुपये खर्च करने होंगे। शिमला शहर में होम डिलीवरी के लिए उपभोक्ताओं को 50 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ेंगे। पहल योजना (डीबीटीएल) से जुड़ चुके उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार 128.77 रुपये की सब्सिडी बैंक खाते में लौटाएगी।
गैस सब्सिडी छोड़ चुके उपभोक्ताओं को वैट का पांच रुपये अतिरिक्त शुल्क भी चुकाना पड़ेगा। मार्च महीने में योजना से नहीं जुड़ने वालों को 571.50 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा। उधर, कामर्शियल गैस सिलेंडर के दाम छह रुपये घटे हैं। इस महीने 1181 रुपये में कामर्शियल गैस सिलेंडर मिलेगा। 70 रुपये के डिलीवरी चार्जिस अतिरिक्त देने होंगे।
फरवरी महीने में घरेलू सिलेंडर का दाम 628 और कामर्शियल गैस सिलेंडर का दाम 1187 रुपये था। जनवरी में घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 711 और कामर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 1350 रुपये था। दिसंबर में घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 663 और कामर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 1272 रुपये था। पहली मार्च से पूरे प्रदेश में गैस सिलेंडरों के घटे हुए दाम लागू होंगे।
इन उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगी सब्सिडी
प्रदेश में सब्सिडी वाले 12 रसोई गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल कर चुके उपभोक्ताओं को 13वां सिलेंडर लेने के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी। अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक 12 सिलेंडरों पर ही केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को सब्सिडी दे रही है। फरवरी महीने तक अधिकांश उपभोक्ताओं ने अपने सब्सिडी कोटे के 12 सिलेंडरों की खरीद कर ली है। ऐसे में अब 13वां सिलेंडर लेने वाले उपभोक्ताओं को बैंक खाते में सब्सिडी नहीं मिलेगी। हिमाचल में 1.40 लाख उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी बंद है।
दस लाख रुपये की सालाना आय वालों की केंद्र सरकार ने सब्सिडी बंद कर दी है। इसके दायरे में प्रदेश के कई वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, एचएएस, एचपीएस, डाक्टर, क्लास वन और क्लास टू अफसर आ रहे हैं। इसके अलावा हजारों उपभोक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर गैस सब्सिडी स्वयं भी छोड़ दी है। प्रदेश में करीब 14 लाख रसोई गैस सिलेंडर उपभोक्ता हैं।