उनकी मां तीज त्योहार, विवाह-शादी के समय घर को रंगोली या दीवारों को चित्रकारी से सजाती थीं। मां को देखते स्वाति ने भी दीवारों को रंगना और रंगोली में रंग भरना शुरू किया। अभी तक स्वाति ने लगभग 40 पेंटिंग बनाई हैं।
वह चित्रकार के रूप में मां को प्रथम गुरु मानती हैं। प्रकृति प्रेमी स्वाति को घूमना बहुत पसंद है। प्राकृतिक दृश्यों को अपने कैमरे में कैद करने भी शौक है। वाटर कलर, पोस्टर कलर व फेब्रिक कलर का प्रयोग करने वाली स्वाति की कलेक्शन में लगभग 40 पेंटिंग हैं।
स्वाति का बेडरूम एक आर्ट गैलरी की तरह है। स्वाति की तमन्ना है कि वे चित्रकला में माता-पिता और प्रदेश का नाम रोशन करें। स्वाति सुप्रसिद्ध चित्रकार एमएफ हुसैन, सतीश गुजराल और ओपी टॉक की तरह नाम कमाना चाहती हैं।