सवा महीने बाद हिमाचल प्रदेश में करोड़ों देवताओं के अधिष्ठाता भगवान रघुनाथजी बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर मिल ही गए। 8 दिसंबर को चोरी हुईं कुल्लू के अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ, शालीग्राम, नार सिंह, गणेश और हनुमान की मूर्तियां पुलिस ने बरामद कर ली हैं।
मान्यता के अनुसार भगवान रघुनाथ जी की मूर्ति का द्वापर युव में स्वयं भगवान श्रीराम ने अपने हाथों से बनाया था।
चोरी का आरोपी नर बहादुर नेपाल में पकड़ा गया है। पुलिस ने इसे सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से धरा है।
इसी की निशानदेही पर पुलिस ने शुक्रवार देर शाम करीब पौने छह बजे ब्यासा मोड़ पर खुदाई शुरू की। पुलिस ने यहां शालीग्राम, नार सिंह के अलावा चांदी की चरण पादुकाएं, चांदी का लोटा, चांदी का पीहडू़ समेत पूजा की अन्य सामग्री बरामद की।
खुदाई में मिली मूर्तियां
इसी दौरान पुलिस को कुल्लू ब्यासा मोड़ के लुगड़ी भट्टी और बजौरा स्थित हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी के पास खुदाई की। जहां से पुलिस को सभी मूर्तियां मिली।
पुलिस को ब्यासा मोड़ के पास से भगवान नारसिंग, शालीग्राम और चांदी की चरण पादुका के अलावा पूजा का अन्य सामना बरामद हुआ।
इसके अलावा पुलिस को कुल्लू के बजौर के पास हाउसिंह बोर्ड की कॉलोली में से भगवान रघुनाथ की मूर्ति के अलावा हनुमान और गणेश की मूर्तियां मिली।
सीसीटीवी फुटेज से मिले थे आरोपियों के सबूत
हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुमार ने बताया की पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उक्त आरोपी की पहचान हुई थी। इसके आधार पर पुलिस ने एक दल को छानबीन के लिए नेपाल रवाना किया।
यहां नेपाल पुलिस की मदद से आरोपी से पूछताछ की गई। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने पुलिस को उक्त स्थानों पर मूर्तियां के होने की जानकारी पुलिस को दी। पुख्ता सूचना मिलते ही संभावित स्थानों पर खुदाई शुरू की गई और सभी मूर्तियों को बरामद कर लिया गया है।
भगवान रघुनाथ जी की मूर्तियां चोरी होने के बाद कुल्लू में रामचरित मानस और अन्य कर्मकांड पूरे करके इनके दोबारा मिलने की प्रार्थनाएं की जा रही है। इसी का नतीजा है कि पुलिस ने इस जटिल केस को सुलझाकर भगवान रघुनाथजी की मूर्तियों को तलाश्ा करने में सफलता हासिल की है।