नदी किनारे पत्थर फोड़ रहे दो युवकों ने जैसे ही एक बड़े पत्थर को तोड़ा कि इसके बीच में भगवान गणेश प्रकट हो गए। यह घटना हिमाचल के जिला कुल्लू के भुंतर की है। यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर जरड़ बिहाल में पत्थर के बीच भगवान गणेश भगवान प्रकट हुए हैं।
इस घटना से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। गणपति की मूर्तियों के दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। पत्थर से मिली इन मूर्तियों को स्थापित करने के लिए ग्रामीणों द्वारा वकायदा मंदिर का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।
वहीं रघुनाथ की मूर्तियां बरामद होने के बाद गणेश की मूर्तियां मिलना देव समाज के लोग शुभ संकेत मान रहे हैं।
ऐसे हुए गणेश भगवान के दर्शन
23 जनवरी को नदी किनारे पत्थर तोड़ रहे बड़ा भुईन पंचायत के मोनू ने बताया कि जैसे ही पत्थर तोड़ा तो उसमें सोने के रंग की भांति चमकता हुआ भगवान गणपति का चित्र पाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने मूर्ति की पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी है।
जरड़ की बशौणा पंचायत के प्रधान नीधि सिंह, पूर्व बीडीसी सदस्य आशा ठाकुर, अमर ठाकुर, रुआडू पंचायत के पूर्व प्रधान मस्त राम, बलदेव, राम दास व संगत राम ने बताया कि गणेश भगवान ने मूर्ति रूप में प्रकट हुए हैं, जो समस्त क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है।
उन्होंने कहा कि भक्तों के सहयोग से मंदिर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही गणपति की मूर्ति की प्रतिष्ठा कर मंदिर में स्थापित की जाएगी।
सच हुई देवताओं की भविष्यवाणी
वहीं, डेढ़ माह पूर्व चोरी गई रघुनाथ जी की मूर्ति सहित अन्य चार मूर्तियों की सकुशल बरामदगी होने पर देवी देवता कारदार संघ कुल्लू के सभी 12 खंडों के कारदारों में खुशी की लहर है।
जिला कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, महासचिव टीसी महंत ने इसे अठारह करडू देवी देवताओं की दिव्य शक्ति की जीत बताते हुए कहा कि 9 दिसंबर 2014 से 23 जनवरी 2015 तक जिस भी कारदार ने अपने देवता के पास पूछ डाली को देवताओं ने मूर्तियां जिला की सीमा से बाहर नहीं जाने का संदेश दिया।
कहा था कि भगवान रघुनाथ, हनुमान, शालिग राम, नारसिंह व गणेश आदि की मूर्तियां बंसत पंचमी से पहले मिल जाएगी। ठीक वैसा ही हुआ। देवताओं की शक्ति सिद्व हुई है।