सोलन सदर विधानसभा क्षेत्र से कर्नल धनीराम शांडिल ने पिछला चुनाव अपने दामाद डॉ. राजेश कश्यप के खिलाफ लड़ा था। भाजपा से डॉ. राजेश कश्यप से उन्हें कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा। सरकार में मंत्री होने की वजह से सत्ता विरोधी लहर के बावजूद कर्नल धनी राम शांडिल चुनाव तो जीत गए लेकिन जीत का अंतर महज 671 ही रह गया।
पार्टी के भरोसे पर खरा उतरूंगा: शांडिल
कर्नल धनी राम शांडिल का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। वे चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और जीत कर ही दम लेंगे। उन्होंने बताया कि देश को सही दिशा में चलाने में कांग्रेस पार्टी ही सक्षम है और देश युवा प्रधानमंत्री के तौर पर राहुल गांधी को देख रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार विकास में फेल रही है।
टिकट के दावेदार रहे पूर्व सांसद स्वर्गीय केडी सुल्तानपुरी के पुत्र विनोद सुल्तानपुरी का कहना है कि उन्हें टिकट नहीं मिलने का कोई मलाल नहीं है। पूरी ताकत से कर्नल धनी राम शांडिल की जीत के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना ही युवाओं का उद्देश्य है जिसमें वे पूरी तरह जुटेंगे।
सोलन में तीन लाख 83 हजार मतदाता
सोलन में जनवरी माह तक तीन लाख 83 हजार 70 मतदाता पंजीकृत हुए हैं। इनमें से एक लाख 97 हजार 543 पुरुष जबकि एक लाख 85 हजार 512 महिला मतदाता हैं। अर्की में सर्वाधिक 88 हजार 55 मतदाता पंजीकृत हैं। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विधायक हैं।
जबकि नालागढ़ 84 हजार 22 मतदाताओं के साथ दूसरे नंबर पर है। नालागढ़ से अब तक के चुनाव में कांग्रेस को कभी बढ़त नहीं मिली है। सोलन सदर में 82 हजार 532 मतदाता हैं और यहां से शांडिल खुद विधायक हैं। दून में 63 हजार 921 जबकि कसौली में 64 हजार 540 मतदाता पंजीकृत हो चुके हैं।
शिमला संसदीय क्षेत्र में कुल 17 विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें से दस विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक हैं। जबकि छह में कांग्रेस काबिज है। एक सीट पर माकपा का कब्जा है। भाजपा ने सिरमौर से उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।
हालांकि वे सोलन की सीमा से सटे हुए क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। इसके बावजूद क्षेत्रवाद से उन्हें शिमला और सोलन दोनों जिलों में जूझना होगा। जबकि यह रास्ता कर्नल धनी राम शांडिल के लिए काफी आसान है। उन्हें सोलन का शिमला और सिरमौर के मध्य होने का काफी फायदा चुनाव में मिल सकता है।
कर्नल धनी राम शांडिल का परिचय
78 वर्षीय कर्नल धनी राम शांडिल का जन्म 20 अक्तूबर 1940 को सोलन में हुआ। सेना में बतौर कर्नल सेवाएं देने के बाद 1999 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और शिमला संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव जीता। इसके बाद कर्नल धनी राम शांडिल ने 2004 में दोबारा लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद बने। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर प्रत्याशी बनाया।
लेकिन भाजपा के वीरेंद्र कश्यप के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 में उन्होंने विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। राज्य में वीरभद्र सिंह सरकार में वे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रहे। वर्ष 2017 में उन्होंने दोबारा चुनाव लड़ा और अपने दामाद डॉक्टर राजेश कश्यप को हराकर फिर से विधायक बन गए।