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आचार संहिता लागू: उम्मीदवारों, सियासी दलों, अफसरों पर लगीं बंदिशें, सोशल मीडिया पर भी सावधानी से करें पोस्ट

Sun, 17 Mar 2024 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

लोकसभा चुनाव व विधानसभा उपचुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
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चुनाव आयोग - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव व विधानसभा उपचुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। ऐसे में उम्मीदवार ऐसा बयान नहीं दे सकते जिससे किसी व्यक्ति की शालीनता और नैतिकता का हनन होता हो। कोई भी उम्मीदवार ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा कि जो आपसी घृणा पैदा करे और वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदायिक आधार पर कोई अपील नहीं करेगा। सार्वजनिक या निजी स्थान पर सभा आयोजित करने, जुलूस निकालने और लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने से पहले स्थानीय पुलिस अधिकारियों से लिखित अनुमति लेना जरूरी है। 

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राजनीतिक दल व उम्मीदवारों के लिए
  • रात 10.00 बजे से प्रात: 6.00 बजे के बीच लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
  • किसी के घर पर उसकी अनुमति के बिना पोस्टर, बैनर या झंडा नहीं लगा सकता।
  • राजनीतिक दल मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए अपनी गाड़ी की सुविधा भी नहीं दे सकते।
  • मतदाता को अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए डरा या धमका नहीं सकते हैं।
  • धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते। 

अधिकारियों को मानने होंगे ये नियम
  • किसी सरकारी अधिकारी, कर्मी की ट्रांसफर नियुक्ति नहीं होगी।   
  • यदि तबादला करना बेहद जरूरी है तो चुनाव आयोग से स्वीकृति लेनी होगी। 
  • चुनाव कार्यों से जुड़े अधिकारी को किसी भी नेता या मंत्री से उसकी निजी यात्रा या आवास में मिलने की मनाही होगी। 
  • सरकारी भवनों में पीएम, सीएम, मंत्री, राजनीतिक व्यक्तियों के फोटो निषेध होंगे।
  • सरकार की उपलब्धियों वाले प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य मीडिया में विज्ञापन नहीं दे सकेंगे।
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मंत्री-विधायक ये काम नहीं कर सकते
  • मुख्यमंत्री अपने जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग नहीं कर सकते। 
  • सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अतिथि गृहों में ठहरने की व्यवस्था नहीं होगी। 
  • किसी भी रूप में किसी भी वित्तीय अनुदान की घोषणा नहीं करेंगे और न ही वादा करेंगे। 
  • किसी परियोजनाओं या योजनाओं की आधारशिला   नहीं रखेंगे। 
  • सड़क बनवाने, पीने के पानी को लेकर काम शुरू करवाने का वादा भी नहीं कर सकते।
  • मंत्री अपने आधिकारिक दौरे के समय चुनाव प्रचार नहीं कर सकते।
  • प्रचार के लिए सरकारी गाड़ियों, विमानों या किसी दूसरे सुविधाओं का भी इस्तेमाल नहीं कर सकते।
  • सरकारी खर्च पर चुनावी रैली या चुनाव प्रचार नहीं कर सकते। 
  • सरकारी वाहनों का इस्तेमाल सिर्फ अपने निवास से लेकर दफ्तर तक कर सकते हैं। 
  • सरकारी खर्चे पर कोई पार्टी या इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं कर सकते। 
  • सत्ताधारी पार्टी सरकारी पैसे से सरकार के काम का प्रचार-प्रसार नहीं कर सकती। 
  • विधायक या मंत्री अपने विकास फंड से कोई नई राशि नहीं जारी कर सकते। 
  • कोई भी नया सरकारी काम शुरू नहीं होगा। किसी नए काम के लिए टेंडर भी जारी नहीं होंगे।
 
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