हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और ऊना से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री व कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल रायजादा की जोर आजमाइश के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिले बिलासपुर की जनता का मूड हार और जीत की राह तय करेगा। एक ओर राष्ट्रीय राजनीति का चेहरा भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर हैं वहीं दूसरी ओर सीएम सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री। चुनाव कांग्रेस सरकार बनाम अनुराग ठाकुर हो गया है। बीते विधानसभा चुनावों में बिलासपुर जिले ने हमीरपुर संसदीय सीट में भाजपा की लाज बचाई थी। लोकसभा चुनावों की जंग और विधायकों की संख्या के लिहाज से भी बिलासपुर जिला का वोटर ही निर्णायक होगा, हालांकि पांच जिलों तक फैले हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में मंडी के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र और कांगड़ा के देहरा और जसवां प्रागपुर के वोटर भी निर्णायक साबित होंगे।
स्टार प्रचारकों ने भी कीं रैलियां
भाजपा की ओर गृह मंत्री अमित शाह ने स्टार प्रचारक के रूप में ऊना जिले में रैली है। इस जिले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को रैली के जरिये घेरा है। प्रियंका गांधी ने हमीरपुर के बड़सर में रोड़ शो किया जबकि 30 मई को भाजपा के स्टार प्रचारक सीएम योगी आदित्यनाथ रैली करेंगे।
हमीरपुर में मतदाता
हमीरपुर में 14,32,636 वोटर हैं। 7,15,681 पुरुष, 7,16,940 महिलाएं,15,514 दिव्यांग और 15 थर्ड जेंडर हैं। सर्विस वोटर्स 23,455, 18-19 साल के 43,034 और 20-29 वर्ष के आयु के 2,61,433 मतदाता हैं। 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता 18,172 हैं।
भाजपा के पांच, कांग्रेस के मुख्यमंत्री समेत छह विधायक
धर्मपुर में कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर हैं। जसवां परागपुर सीट पर पूर्व मंत्री विक्रम ठाकुर विधायक हैं। चार विधानसभा क्षेत्रों सुजानपुर, बड़सर, गगरेट और कुटलैहड़ में उपचुनाव समीकरण उलझने से लोस चुनावों का मूड भांपना जटिल हो गया है। 17 विस क्षेत्र वाले हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में भाजपा के पांच और कांग्रेस के सीएम सुक्खू समेत छह विधायक हैं दो निर्दलीय विधायक भाजपा के पक्ष में हैं। अनुराग ठाकुर के सामने सतपाल सत्ती को 2017 के विस चुनावों में हराने वाले पूर्व विधायक सतपाल रायजादा हैं।
कांग्रेस ने क्षेत्रीय के साथ जातीय समीकरणों को साधा है। यहां दो दफा ओबीसी वर्ग से सांसद चुना गया है। धूमल परिवार का सीट पर नौवां और अनुराग का पांचवां चुनाव है, ऐसे में सियासी धुरंधरों वाली सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर है। यहां अंतिम दौर में प्रचार स्थानीय मुद्दों पर पहुंच गया है। यहां से रमेश चंद सारथी, गोपी चंद, गरीब दास कटोच, सुरेंद्र कुमार व नंदलाल निर्दलीय, हेमराज बसपा, अरुण अंकेश एकम स्नातन भारत दल, कुलवंत जवान किसान पार्टी, जगदीप देवभूमि पार्टी, सुमित अखिल भारतीय परिवार पार्टी से भी चुनावी मैदान में हैं।