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पवन काजल की रैली में वीरभद्र ने खेला जातिवाद का कार्ड

Tue, 30 Apr 2019 11:36 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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दाड़ी मैदान में कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल की रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जातिवाद का कार्ड खेल दिया। पूर्व सीएम ने मंच से ओबीसी समुदाय को जाति की संज्ञा तक दे दी।

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मंच से वीरभद्र ने कहा कि पवन काजल के रूप में ओबीसी समुदाय को प्रतिनिधित्व मिला है। इस वजह से इस जाति को भी एक पहचान मिली। वीरभद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रति मैं नरम जरूर हूं।

लेकिन कांग्रेस पार्टी की कीमत पर मैं सीएम के साथ नरम नहीं हूं। कांग्रेस की फौज में मैं पहली पंक्ति में खड़ा हूं। जयराम ठाकुर धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा भवन और शीतकालीन प्रवास को खत्म करने का प्रयास कतई न करें। 

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धर्मशाला जगह का नाम, यह कोई भवन नहीं

- फोटो : अमर उजाला
वीरभद्र सिंह ने पुराने संस्मरण को याद करते हुए कहा कि एक जगह पर बहुत ज्यादा महिला सांसद एकत्रित हुई थीं। मुझे भी यहां पर निमंत्रण मिला था। महिलाओं ने मुझसे कहा कि आपकी सांसद चंद्रेश कुमारी क्या धर्मशाला में रहती हैं। क्या उनका कोई घर नहीं हैं। मैंने महिला सांसदों से कहा कि धर्मशाला जगह का नाम है। यह कोई भवन नहीं है। 

बाली, चंदेल, विप्लव का नाम लेना भूले वीरभद्र
मंच पर आसीन नेताओं के नाम लेने के दौरान वीरभद्र सिंह जीएस बाली, सुरेश चंदेल, विप्लव ठाकुर और चंद्र कुमार का नाम लेना भूल गए। भाषण के बीच वीरभद्र ने माफी मांगते हुए कहा कि मैं बाली का नाम लेना भूल गया। इसके बाद वीरभद्र ने चारों नेताओं का नाम लिया और भाषण शुरू किया।
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