पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद शांता कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कहे शब्दों को अनुचित ठहराया है। शांता ने कहा कि हिमाचल में राजनीति का स्तर सदा ऊंचा रहा है, लेकिन इस बार कुछ अपवाद अच्छे नहीं लग रहे हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि शालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खिलाफ भी वीरभद्र ऐसे शब्द कह सकते हैं।
शांता ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को शातिर, सत्ता के नशे में चूर और अपने आप से बाहर होने की बात की है। इसका उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है। वीरभद्र सिंह को यह शब्द उनके लंबे राजनीति के अनुभव को देखकर शोभा नहीं देते। एक सर्वेक्षण में पूरे भारत में 27 मुख्यमंत्रियों में लोकप्रियता के मामले में जयराम ठाकुर दूसरे स्थान पर आए हैं।
लिहाजा, जब वीरभद्र सिंह अपने कहे गए शब्दों पर विचार करेंगे तो उन्हें लगेगा कि वह गुस्से में बहुत कुछ गलत कह गए। उन्होंने कहा कि वह वीरभद्र सिंह के मन की स्थिति को समझते हैं। वह मजबूरी में मंडी क्षेत्र में कांग्रेस का प्रचार कर रहे हैं। वीरभद्र सिंह ने मंडी की जनता को पहले ही इशारा कर दिया था। मंडी में जो हुआ वह शायद कांग्रेस ने पूरे भारत में कभी नहीं किया होगा। मंडी में तो सब कांग्रेस नेता उधार के हैं। वहीं हमीरपुर से भी कांग्रेस ने सुरेश चंदेल को उधार के रूप में लिया है।