जबकि नियमों के मुताबिक एसोसिएशन का कोई भी सदस्य भविष्य में अध्यक्ष और सचिव बन सकता है। बीसीसीआई से प्रतिवर्ष क्रिकेट को प्रोत्साहन देने के लिए करीब 25 से 30 करोड़ मिलते हैं। अनुराग ठाकुर 20 सालों से एचपीसीए को मिले करोड़ों रुपये का हिसाब जनता को दें। अनुराग के नजदीकी संबंधी विक्रम राठौर को कोचिंग निदेशक के पद पर सालाना लाखों रुपये का पैकेज एचपीसीए से दिया जा रहा है।
जबकि अन्य कोच को महज कुछ हजार ही दिए जा रहे हैं। अनुराग बताएं कि रणजी में अभी तक बाहरी राज्यों से कितने खिलाड़ियों को खेलने का मौका दिया और उन्हें कितनी मैच फीस दी। वर्ष 2002 से 2018 तक प्रदेश के 12 जिलों के क्रिकेट संघों को एचपीसीए से कितना पैसा दिया गया। धर्मशाला में एचपीसीए के होटल पवेलियन पर कितना पैसा खर्च हुआ। बिलासपुर लुहणू में निर्मित क्रिकेट मैदान के निर्माण में ठेकेदार द्वारा लगाए गए घूसखोरी के आरोपों पर अनुराग ठाकुर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।
प्रवीण शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को एचपीसीए का लाभ नहीं मिल रहा है। प्रदेश की प्रतिभाओं को तराशने के बजाय बाहरी राज्यों के खिलाड़ियों को मौका देकर प्रदेश के युवाओं का हक छीना जा रहा है। उधर, इस बारे में जब सांसद अनुराग ठाकुर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।