कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने कहा कि जो पार्टी पिछले चुनाव में महिला सुरक्षा का दावा कर रही थी, उसी पार्टी की सरकार में न तो महिला सुरक्षित है और न ही उसकी पुलिस प्रशासन में सुनवाई हो रही है। राजधानी की सड़कों पर सरेआम दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया जा रहा है और पुलिस का पता ही नहीं है।
कहा कि पिछले डेढ़ साल में दुराचार व महिलाओं से छेड़छाड़ जैसे मामलों की बाढ़ आ गई है और प्रदेश में महिलाएं पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उधर, भाजपा नेताओं ने भी सरकार का बचाव करते हुए पिछली सरकार की कारगुजारियां गिनाना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि ऐसे मामलों का राजनीतिक लाभ लेना कांग्रेस का काम है।
भाजपा सरकार ऐसे मुद्दों पर बेहद संजीदा और मुख्यमंत्री खुद इस मामले में निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने लगातार महिला सुरक्षा के लिए गुड़िया हेल्पलाइन से लेकर शक्ति एप और त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए 112 सेवा शुरू की है। लेकिन पिछली सरकार ने तो दाषियों को बचाने व निर्दोषों को फंसाने का काम किया। जबकि हमारी सरकार संलिप्त एक भी आरोपी को नहीं बख्शेगी।