शिमला में भी भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप पच्छाद से और कांग्रेस प्रत्याशी कर्नल धनीराम शांडिल सोलन विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। हमीरपुर में भी कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर को अपने विधानसभा क्षेत्र श्री नैना देवी जी से खासी उम्मीद होना स्वाभाविक है। जबकि भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर को पिता प्रेम कुमार धूमल के सुजानपुर से आस है।
मंडी में भले ही कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा और भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा का अपना कोई सियासी दुर्ग न हो, लेकिन आश्रय के दादा व पिता के पारंपरिक विधानसभा क्षेत्र मंडी और राम स्वरूप के खेवनहार मुख्यमंत्री जयराम के सिराज नैया पार लगाने के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
खास बात यह है कि सभी आठों प्रत्याशियों के इन दुर्गों में इस बार 2014 के लोकसभा चुनाव की अपेक्षा भारी मतदान हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें अपने इन क्षेत्रों से बड़ी लीड मिल सकती है जिससे जीत की राह आसान हो सकती है।