अनिल शर्मा
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वह बिजली बोर्ड, पावर कॉरपोरेशन और ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन पर पूरी पकड़ चाहते थे। मुख्यमंत्री के समक्ष भी अनिल शर्मा ने यह मामला कई बार उठाया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। कांग्रेस छोड़ भाजपा सरकार में मंत्री बनने के सवा साल बाद भी वह भाजपा कल्चर में ढलने में असहज दिखते रहे। जनमंच कार्यक्रमों में भी सरकार पर अनदेखी होने की भड़ास अनिल शर्मा सार्वजनिक तौर पर निकालते रहे हैं।