सीएम जयराम ठाकुर को जनसभा के मंच तक जिलाध्यक्ष रणबीर ठाकुर ने स्कूटी पर बैठाकर पहुंचाया। सीएम पिछली सीट पर सवार थे। न तो जिलाध्यक्ष ने हेलमेट पहना हुआ था और न ही सवार सीएम ने। सड़क से पंडाल तक लोगों ने स्कूटी पर ही सीएम के गले में फूल मालाएं पहनाईं और उनका स्वागत किया।
मंत्री मुख्यमंत्री को नेता न माने तो शर्मनाक स्थिति
सीएम ने कहा ‘मुझे अनिल शर्मा के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं। एक मंत्री का सम्मान मेरा दायित्व है। अगर मंत्री मुख्यमंत्री को ही नेता न माने तो विचित्र और शर्मनाक स्थिति है। पंडित सुखराम बुजुर्ग हैं। वृद्ध होने के नाते पंडित सुखराम का हम आदर करते हैं। वहीं हम मान कर चल रहे थे कि मंडी के मान सम्मान को कोई ठेस न पहुंचे। लेकिन सुखराम ने इसे जल्द गलत साबित कर दिया। मुझे अनिल शर्मा से प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं।
हम नहीं कांग्रेसी कह रहे- आया राम गया राम
सीएम ने तंज कसते हुए कहा ‘पंडित सुखराम को हम नहीं कांग्रेसी आया राम गया राम कह रहे हैं। ठीक भी है। उम्र के इस पड़ाव में इस तरह आना जाना कतई सही नहीं। अनिल के लिए संकट बाप-बेटे ने पैदा किया। वहीं चुनावों के नतीजों के बाद सुखराम परिवार की सियासत का भी अंत होगा।’