बड़े राष्ट्रीय नेताओं की रैलियां करवाने के मामले में भाजपा ने बाजी मार ली है। मई के दूसरे सप्ताह में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की पांच रैलियां हो चुकी हैं, वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की महज एक ही रैली हो पाई है। इसके अलावा पिछले कुछ महीनों में भी रैलियों के आयोजन में भाजपा कांग्रेस से आगे ही रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव पूर्व की मई महीने की रैलियों का आगाज एक ही दिन किया। 10 मई को पीएम नरेंद्र मोदी ने मंडी में जनसभा की तो इसी दिन राहुल गांधी ने ऊना में रैली की। इस दिन ही सोलन में भी राहुल गांधी की रैली पहले तय थी, मगर यह टाल दी गई। अब राहुल 17 मई को सोलन आएंगे।
इसके बाद 12 मई को एक ही दिन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक साथ तीन रैलियां चंबा, बिलासपुर और नाहन में कीं। 13 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सोलन आ रहे हैं। उधर, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की 14 मई की ठियोग जनसभा रद्द हुई है और वह इसी दिन मंडी आ रही हैं।
पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन में भी आ चुके केंद्रीय नेता
भाजपा ने हाल ही में चारों संसदीय क्षेत्रों में भी पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन किए हैं। इन सम्मेलनों में अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, जगत प्रकाश नड्डा जैसे केंद्रीय नेता पहुंच चुके हैं। हाल ही में नितिन गडकरी किन्नौर के सांगला में भी जनसभा कर आए हैं।