मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी बेटे आश्रय के खिलाफ प्रचार न करने का एलान कर चुके जयराम सरकार में मंत्री अनिल शर्मा ने फिर स्पष्ट किया है कि वह खुद इस्तीफा नहीं देंगे। मुख्यमंत्री जयराम को अगर उनसे कोई समस्या है तो इस्तीफा मांग लें, वह देने को तैयार हैं।
सीएम के बयान की प्रतिक्रिया में सोमवार को उन्होंने यह बात कही। मुख्यमंत्री जयराम ने रविवार को पांवटा में कहा था कि अनिल शर्मा को अगर मंडी से कांग्रेस प्रत्याशी अपने बेटे के लिए प्रचार करना है तो उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद और विधानसभा का सदस्यता खोनी पड़ेगी।
अनिल अपनी भूमिका खुद तय कर लें। इसके जवाब में अनिल शर्मा ने कहा कि वह परिवार के खिलाफ नहीं जा सकते हैं। उन्होंने जो निर्णय लेना था, वह ले चुके हैं। उनका स्टैंड पहले से ही स्पष्ट है कि वह न तो बेटे के खिलाफ जाएंगे और न ही मंडी में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे।
अब निर्णय तो पार्टी को लेना है। अगर मंडी से बाहर प्रचार के लिए कहा जाता है तो वह जाएंगे। उधर, जानकारों का कहना है कि दल बदल के आरोपों के बीच अनिल शर्मा खुद भाजपा छोड़ना नहीं चाह रहे हैं और भाजपा भी उनका इस्तीफा मांगने में नफा-नुकसान देख रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे से पहल करवाना चाह रहे हैं।