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हिमाचल: बसों को चलाने की हरी झंडी, जिलों में बिना कर्फ्यू पास होगी आवाजाही

Sun, 31 May 2020 12:09 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

  • हिमाचल में एक जून से चलेंगी बसें
  • प्रदेश सरकार ने जारी की अधिसूचना
  • बिना कर्फ्यू पास जिलों में होगी आवाजाही
  • एसी बसों को छोड़कर सभी स्टेज कैरिज बसें चलेंगी
  • 12 घंटे से अधिक वाले रूटों पर नहीं चलेगी बसें
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हमीरपुर में तैयार एचआरटीसी बसें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना वायरस के बीच हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन-5 में 72 दिन बाद एक जून से सशर्त बसें चलाने को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इस संबंध में शनिवार को प्रधान सचिव परिवहन जेसी शर्मा की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य के भीतर सभी स्टेज कैरिज बसें सुबह सात से शाम सात बजे तक चलेंगी। इसके लिए कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं। बसों के साथ एक जून से टैक्सी, ऑटो और निजी वाहन भी चलाए जाएंगे।

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अब जिले के भीतर और एक से दूसरे जिले में यात्रा के लिए ई-पास की जरूरत नहीं होगी। लोग बसों में एक जिला से दूसरे जिले में बिना ई-पास के आ जा सकेंगे। हालांकि, अंतरराज्यीय यात्रा के लिए पास जरूरी है। स्टेज कैरिज बसें कंटेनमेंट जोन से आवाजाही कर सकेंगी, लेकिन ऐसे जोन में यात्रियों को बस में चढ़ाने और उतारने पर प्रतिबंध होगा। बता दें केंद्र सरकार ने शनिवार को गृह मंत्रालय ने शनिवार को लॉकडाउन को नई रियायतों के साथ फिर से 30 जून बढ़ाने का फैसला किया है।
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इन शर्तों पर चलेंगी बसें

एसी बसों को छोड़कर सभी स्टेज कैरिज बसें अपने निर्धारित रूटों पर चलेंगी। सामाजिक दूरी और भीड़ से बचने के लिए बसों में 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करनी होगी। सभी यात्रियों को बस में चढ़ने से लेकर उतरने तक मास्क पहनना होगा। बसों को रूटों पर भेजने से पहले सुबह या शाम को सैनिटाइज करना होगा। जबकि बस के भीतर संवेदनशीन स्थानों को प्रत्येक दो घंटे के बाद सैनिटाइज करना होगा। बसों में स्वास्थ्य विभाग के सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुसरण करना होगा। बसों में खड़े होकर यात्रा करने पर मनाही होगी। चालक और परिचालक के पास हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध होना जरूरी है।

 

बस स्टाफ और बस अड्डों के लिए ये प्रोटोकॉल जरूरी

परिवहन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार सभी बस अड्डों के प्रवेश और निकास द्वारों पर स्वास्थ्य जांच, स्क्रीनिंग और कानून व्यवस्था बनाना सुनिश्चित किया जाएगा। बस अड्डे पर एक प्रवेश द्वार से सिर्फ यात्रियों को आने ही अनुमति दी जाएगी। बस अड्डों में सभी जरूरी भागों को हर दो घंटे बाद सैनिटाइज किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय में साबुन मशीन जरूरी है।

एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक सभी बस अड्डों पर मास्क, हैंड सैनिटाइजर, साबुन आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। इनके दाम बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण रेगुलेट करेगा। बस अड्डों पर सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को लगातार यात्रा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

बसों में चढ़ते और उतरते समय कम से कम एक मीटर की दूरी को सुनिश्चित करना होगा। टिकट जारी करते समय परिचालक को जरूरी सावधानी बरतनी होगी। चालक-परिचालक को मास्क पहनने के आलावा हाथ में ग्लव्स लगाने होंगे। वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को अति आवश्यक होने पर ही यात्रा करनी होगी। ढाबों को भी समय-समय पर सैनिटाइज करना होगा। 

12 घंटे से अधिक वाले रूटों पर नहीं चलेगी बसें

हिमाचल में 12 घंटे के बाद के रूटों पर परिवहन निगम की बसें नहीं चलेंगी। परिवहन विभाग ने  सुबह 7 से शाम 7 बजे तक बसों को चलाने का का प्लान तैयार किया है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने परिवहन सेवा शुरू करने को लेकर शनिवार को आरएम और अधिकारियों के साथ कि वीडियो कॉन्फ्रेंस की। इसमें अधिकारियों को पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।  जिला कुल्लू, चंबा अपने जिलों में ही बसें चलाएंगे।

लंबी दूरी के रूटों पर बसें नहीं चल सकेंगी। क्योंकि ये बसें सात बजे से पहले अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाएंगी। जिला सिरमौर के वाया चंडीगढ़ रूट बंद रहेंगे। सात बजे तक के अन्य जिलों के लिए यहां से बसें चलेंगी। पंचायत प्रधान को चालक-परिचालक के लिए ठहराने का जिम्मा सौंपा जा रहा है। परिवहन निगम ने चालकों-परिचालकों को ड्यूटी के लिए रवाना कर दिया है। शनिवार से बसों की सैनिटाइजेशन शुरू कर दी गई है। 

ये होगा बसों में सीटिंग प्लान

अधिसूचना के मुताबिक प्रदेश में परिवहन सेवा के दौरान एक जिला से दूसरे जिला में जाने के लिए ई-पास की जरूरत नहीं होगी। लोग बसों में एक जिला से दूसरे जिले में बिना ई-पास के आ जा सकेंगे। सरकार के आदेशों के अनुसार अब प्रदेश के सभी बस अड्डों में सिर्फ यात्रियों की आवाजाही रहेगी। बस अड्डों पर कोई भी व्यक्ति बिना वजह नहीं घूम सकेगा।

यदि कोई व्यक्ति बस अड्ड़ों पर बेवजह घूमता हुआ पाया जाता है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। चालकों-परिचालकों के लिए भी परिवहन विभाग ने नियम बनाए हैं। अधिसूचना के तहत एचआरटीसी और निजी बसों में बसों में तीन की क्षमता वाली पूरी सीट में दो सवारियां ही बैठेंगी, वहीं दो की क्षमता वाली सीट में एक ही यात्री बैठ सकेगा। हर सीट पर यात्रियों को जागरूक करने के लिए एक स्टीकर भी लगाया है। जिसमें कोरोना के सभी लक्षणों की जानकारी दी जाएगी।
 
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नालागढ़ से बद्दी तक अब शाम को मल्टी एक्सल वाहनों की आवाजाही पर फिर रोक

वहीं, औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन से निकलने वाले एकमात्र हाईवे नालागढ़-बद्दी-पिंजौर पर अब एक जून से नालागढ़ से बद्दी पथकर नाके तक मल्टी एक्सल वाहनों पर सायंकालीन पूर्ण रूप से प्रतिबंध फिर से लागू कर दिया गया है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर बढ़ते हुए यातायात के दबाव के दृष्टिगत सायं 5:30 से 8 बजे तक अब मल्टी एक्सल वाहन नहीं चलेंगे। लॉकडाउन के कारण पहले वाहनों पर प्रतिबंध लग गया था। लेकिन अब धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही बढ़ने से पहले वाली जाम जैसी स्थिति हो गई है। आपातकालीन सेवा वाले वाहनों, रूट बसों, जरूरी सेवाओं वाले वाहनों, एंबुलेंस, दमकल वाहनों व नियम कानून बनाने वाले वाहनों को इसमें छूट रहेगी।

औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ और बद्दी को जोड़ने वाले मुख्य हाईवे का यह मार्ग बीबीएन के दो प्रमुख शहरों नालागढ़ व बद्दी को जोड़ता है और इसी मार्ग पर छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हैं। पहली जून से बसों की आवाजाही भी शुरू हो रही है और वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए पुलिस द्वारा इसे दोबारा से लागू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने कहा कि लॉकडाउन में मिली आवाजाही की छूट के तहत वाहनों की संख्या बढ़ गई है, इसे देखते हुए पुरानी व्यवस्था को लागू करना आरंभ कर दिया गया है।
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