कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला भी नहीं और हिमाचल सरकार ने राशनकार्ड धारकों को डिपुओं में फिर बायोमीट्रिक मशीनों से सस्ता राशन देने के आदेश जारी कर दिए। सरकार ने मशीनों को अपडेट कर दिया है। हर बार अंगूठा लगाने के बाद मशीन सैनिटाइज करनी होगी। डिपो में साबुन और पानी की व्यवस्था भी होगी, ताकि हर उपभोक्ता आते और जाते समय हाथ धोए। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। प्रदेश सरकार ने इस बारे में जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को आदेश कर दिए हैं। हालांकि, लोग और डिपो संचालक समिति इसका विरोध भी कर रह है।
प्रदेश में कोरोना की शुरुआत में सरकार ने पॉस मशीनों में फिंगर प्रिंट से राशन लेने की प्रक्रिया बंद कर दी थी। उपभोक्ताओं को सस्ता राशन क्यूआर कोड से दिया जा रहा था। इससे राशन में गड़बड़ी की आशंका बनी रहती थी। अब करीब डेढ़ माह बाद सरकार ने फिर पुराना नियम लागू किया है। अब लोग बायोमीट्रिक तरीके से कहीं भी सस्ता राशन ले सकेंगे। सरकार का यह भी तर्क है कि केंद्र के निर्देशों पर प्रदेश में यह व्यवस्था लागू की है। देश के 18 राज्यों में पॉस मशीन से राशन दिया जा रहा है।
बायोमीट्रिक सिस्टम बंद होने से इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी सुविधा से लोगों को राशन नहीं मिल रहा है, ऐसे में यह व्यवस्था फिर से लागू की है। हालांकि कई जगह लोगों ने इससे असहमति और रोष जाहिर करते हुए सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की है। हिमाचल प्रदेश डिपो संचालक समिति के राज्य उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि महामारी के चलते बायोमीट्रिक प्रणाली को शुरू करना सही निर्णय नहीं है। इस निर्णय को सरकार बदले और जब तक कोरोना का खतरा खत्म नहीं होता तब तक व्यवस्था शुरू न की जाए।
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हिमाचल के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को अब पॉश मशीनों से ही राशन मिलेगा इसके बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
- अमिताभ अवस्थी, सचिव, खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता