हिमाचल में 948 मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी वरदान साबित हुई है। प्रदेश में दवाइयों की होम डिलीवरी के लिए 575 विक्रेताओं को अधिकृत किया गया है। इनमें बिलासपुर में 20, चंबा में 09, हमीरपुर में 32, कांगड़ा में 44, कुल्लू में 19, लाहौल-स्पीति में एक, मंडी में 93, शिमला में 125, सिरमौर में 165, सोलन में 40 और ऊना जिले में 23 दवा विक्रेता शामिल हैं।
मरीजों को अब चंडीगढ़, देहरादून और अन्य भागों से भी घर-द्वार पर ही दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। यह सेवा अभी तक 948 मरीजों के लिए वरदान साबित हुई है। इसमें ड्रग निरीक्षक, दवाई विक्रेताओं और मरीजों के मध्य सेतु का काम कर रहे हैं और जरूरतमंदों को दवाइयां उपलब्ध करवाना सुनिश्चित बना रहे हैं। किन्नौर के कल्पा, न्यूगल सेरी, सांगला, पूह और निचार, जिला कुल्लू के निरमंड और आनी, शिमला के नेरवा जैसे दूरदराज क्षेत्रों में भी दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
सिरमौर के मोहन को मिली किडनी ट्रांसप्लांट की दवा
कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन के वक्त जिला सिरमौर के गांव कुलह के निवासी मोहन के लिए यह सेवा वरदान सिद्ध हुई है। इस सुविधा के कारण ही उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जीवनरक्षक दवाई उपलब्ध हो पाई। मोहन ही इस सुविधा का लाभ उठाने वाले एक मात्र मरीज नहीं हैं। इस सेवा से प्रदेश के दूर-दराज के हजारों मरीज विशेषकर किडनी ट्रांसप्लांट, हार्ट सर्जरी, एंटी कैंसर मेडिसन और मानसिक रोगी लाभान्वित हुए हैं। लाहौल घाटी के गांव मलंग की विमला को हवाई और पांगी के बिज राम को सड़क मार्ग से दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं।