एक साल के लिए होना है वित्त संविदा, साधारण कृत्यकारक, जैव विविधता और न्याय समिति का गठन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम में महापौर और उप महापौर की अध्यक्षता में बनी चार समितियों में शामिल होने के लिए पार्षदों ने लॉबिंग शुरू कर दी है। समितियों का एक साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में महापौर ने समितियों के पुनर्गठन के लिए दोबारा पार्षदों से आवेदन मांगे हैं।
हर समिति में सत्तासीन कांग्रेस और भाजपा पार्षद को जगह मिलनी है। इस माह नई समितियों का गठन करने की तैयारी है। महापौर की अध्यक्षता में बनी सबसे अहम समिति वित्त संविदा एवं योजना समिति में अभी भाजपा की सिर्फ एक पार्षद सरोज ठाकुर है। इसमें कांग्रेस के कुलदीप ठाकुर, सुषमा कुठियाला और कांता सुयाल भी सदस्य हैं। पहले साल सबसे वरिष्ठ पार्षदों को इस समिति में जगह दी गई थी। अब दोनों ही दलों में नए सदस्यों को लेकर माथापच्ची चल रही है।
भाजपा पार्षद कल्याण धीमान को इसका सदस्य बना सकती है। इस बार माकपा पार्षद वीरेंद्र ठाकुर को भी समिति का सदस्य बनाया जा सकता है। साधारण कृत्यकारक, जैव विविधता और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में बनी सामाजिक न्याय समिति में भी नए सदस्यों को लेकर आवेदन लिए जा रहे हैं। वित्त संविदा समिति सदन से पहले वित्तीय प्रस्तावों पर फैसला लेती है जबकि साधारण कृत्यकारक समिति एनओसी से जुड़े फैसले लेती है। सामाजिक न्याय समिति के पास महिला हॉस्टल, लेबर हॉस्टल से जुड़े प्रस्ताव आते हैं।