भाजपा हारे हुए नेताओं की तैनाती के बजाय विधायकों और भाजपा नेताओं को इन पदों पर तैनात कर सकती है। बताया जा रहा है कि निगम और बोर्डों में 10 के करीब अध्यक्ष-उपाध्यक्ष तैनाती किए जाने हैं। सरकार के महत्वपूर्ण निगम और बोर्डों के चेयरमैन मंत्री ही होंगे।
सरकार इस समय 53 हजार करोड़ के कर्जे में डूबी है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान अध्यक्षों-उपाध्यक्षों पर करोड़ों का खर्चा आया है। गाड़ियों से लेकर आवास तक का खर्चा सरकार को वहन करना पड़ा था। ऐसे में भाजपा सरकार निगम और बोर्डों में कम से कम अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की तैनाती करने की योजना बना रही है।