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Shimla News: शहर में एमआरपी से अधिक दामों पर बेची जा रही शराब

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आबकारी नियमों की जमकर हो रही अनदेखी
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हर ठेके पर शराब की बोतलों के अलग-अलग दामएक्सकलूसिव संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में आबकारी नियमों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित शराब ठेकों पर शराब निर्धारित अधिकतम मूल्य से अधिक दामों पर बेची जा रही है। कई ब्रांड की शराब की बोतलों पर एमआरपी अंकित नहीं है जबकि उपभोक्ताओं से अलग-अलग दाम वसूले जा रहे हैं।

ऑकलैंड, चौड़ा मैदान, बालूगंज, क्रॉसिंग टुटू सहित शिमला के कई हिस्सों में एक ही ब्रांड की शराब के अलग-अलग दाम हैं। वोदका की बोतल की जगह आठ सौ, कुछ जगह साढ़े आठ सौ और कुछ ठेकों पर नौ सौ रुपये में बेची जा रही है। कुछ ठेकों पर बोतलों की पैकेजिंग पर अनिवार्य विवरण अधूरा या गायब पाया गया है। खरीदारों ने बताया कि एमआरपी के बारे में पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता और तय कीमत से अधिक राशि चुकाने के लिए मजबूर किया जाता है। पूछे जाने पर ठेका कर्मियों ने कहा कि वह अपने स्तर पर कीमत तय नहीं करते। कर्मचारियों के अनुसार उन्हें ठेका मालिकों की ओर से जो निर्देश मिलते हैं उसी आधार पर दाम वसूले जाते हैं। कुछ ठेकों पर यह तर्क भी दिया कि राज्य में नई आबकारी नीति तैयार की जा रही है जिसके तहत भविष्य में शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इन क्यूआर कोड के जरिये बोतल की कीमत, स्टॉक और बिक्री का विवरण स्कैनिंग के माध्यम से देखा जा सकेगा। हालांकि मौजूदा नियमों में एमआरपी अंकित करना और उसी दर पर बिक्री अनिवार्य है।
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नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी ई गगनेश कुमार ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि जांच टीमें बिक्री दरों, स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग व्यवस्था और बोतलों पर अंकित विवरण की जांच कर रही है। आबकारी विभाग के अनुसार एमआरपी से अधिक दाम वसूलना और बोतलों पर एमआरपी अंकित न होना उल्लंघन है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले ठेका संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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