जिन स्कूलों में पहले से पुस्तकालय खुले हैं, वहां पुस्तकालयों को मजबूत किया जाएगा। जहां पुस्तकालय नहीं हैं, वहां इन्हें स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में बिना बिजली कनेक्शन चल रहे 312 स्कूलों में जल्द बिजली सप्लाई मुहैया करवाई जाएगी।
केंद्र सरकार इसके लिए फंड देगी। 613 स्कूलों को पहले चरण में सेटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट सेवा मुहैया करवाने की भी केंद्र ने घोषणा की है। लड़कियों के 13 हॉस्टल में सोलर लाइट्स को केंद्र सरकार पैसा देगी।
उन्होंने कहा कि आईसीटी लैब में इंटरनेट सेवा मुहैया करवाई जाएगी। प्रदेश के 26 स्थानों पर लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएगी। मंडी के भराड़ी स्कूल को केंद्र सरकार ने मूलभूत ढांचा तैयार करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना है।
स्कूल को 90 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। एससीईआरटी और डाइट को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 20 लाख केंद्र सरकार देगी। शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए आधुनिक तरीके अपनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की फीस पर लगाम कसने के लिए सरकार प्रयासरत है। जल्द ही इस संदर्भ में प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। प्रदेश के तीन हजार सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने के लिए विभागीय अधिकारी प्रस्ताव बनाने में जुट गए हैं। शिक्षकों की भर्ती कैसे करनी है, इसको लेकर योजना तैयार की जा रही है।
बैठक के दौरान प्रदेश शिक्षा विभाग की योजनाओं की सराहना भी हुई। मंत्री ने बताया कि दसवीं के बाद जमा एक और जमा दो कक्षा में हिमाचल की इनरोलमेंट शत-प्रतिशत है। हिमाचल में जमा एक और जमा दो में किसी भी विद्यार्थी ने स्कूल नहीं छोड़ा है।
इस उपलब्धि को प्राप्त करने वाला हिमाचल देश का एकमात्र राज्य है। केंद्र ने इसके लिए हिमाचल को सराहा। इसके अलावा बैग फ्री डे और अखंड ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती योजना को भी सराहना मिली।