जंगली रास्ता होकर और सड़क से गांववासियों को तकरीबन दानोघाट तक चार किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ता है जिससे लोगों को जान-माल का भय सता रहा है। स्थानीय लोगों ने वन्य कर्मियों से आग्रह किया कि तेंदुओं को पकड़ने के लिए जल्द से पिंजरा लगाया जाए। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तेंदुओं को पकड़ कर कहीं चिड़ियाघर में छोड़ें।
डीएफओ कुनिहार सतीश नेगी ने बताया कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों और बुजुर्गों को शाम के समय बाहर न निकलने दें। वहीं घरों के बाहर लाइट या आग जला कर रखें जिससे तेंदुए गांवों में न घुस सके।