जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के जब परिवार की एक महिला सदस्य बाथरूम का उपयोग करने गईं, तो उन्हें अंदर से किसी जंगली जानवर के गुर्राने की तेज आवाज सुनाई दी। महिला ने घबराने के बजाय गजब का हौसला दिखाया और तुरंत बाथरूम का दरवाजा बाहर से लॉक कर दिया। बाद में जब परिवार के अन्य सदस्य वहां पहुंचे, तो पता चला कि अंदर तेंदुआ कैद है। अगर महिला जरा सी भी लापरवाही बरतती तो तेंदुआ हमला कर सकता था।
बाथरूम में तेंदुआ होने की खबर आग की तरह फैली और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वन विभाग के रेंज अधिकारी परवाणू बीडी चौहान ने बताया कि टूटीकंडी से डॉ. वनीता शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई गई थी। टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन की मदद से तेंदुए को सुरक्षित तरीके से बेहोश किया और उसे अपने साथ शिमला ले गई।